थानाक्षेत्र के गांव दौलतपुर में बुधवार रात बरामदे में सो रहे अधेड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग निकले। अधेड़ के चेहरे पर दो गोली मारी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन बाहर निकले और इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। हत्या की सूचना पर एसएसपी शिव हरी मीना के अलावा अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या के पीछे जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
दौलतपुर निवासी श्याम सिंह (55) बुधवार रात को रोजाना की तरह घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे, जबकि परिवार के अन्य लोग अंदर कमरों में सोए थे। रात करीब एक बजे हमलावरों ने सोते समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर भाग निकले। गोलियों की आवाज सुनकर उनके पुत्र व परिजन बाहर निकले तो देखा उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हमलावरों ने बड़ी ही बेरहमी से उनके चेहरे पर दो गोलियां मारी थी।
जिससे वह चीख तक नहीं सके। श्याम सिंह की हत्या के बाद गांव में हड़कंप मच गया। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। लोगाें ने इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक भरथना सुनील कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली और जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर एसएसपी शिवहरी मीना के अलावा सीओ भरथना शिवराज सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एसएसपी ने बताया कि परिजनों की और से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया परिजन जमीनी विवाद को हत्या का कारण बता रहे हैं।
क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी श्याम सिंह की हत्या जमीनी रंजिश में हुई है। जमीन पर कब्जा करने को लेकर उनका गांव के लोगों से विवाद हो चुका है। वहीं दबंगों ने एक साल पहले उनके खेत पर रखे इंजन में आग लगा दी थी। साथ ही करीब तीन माह पहले जबरन उनके खेत से दबंगों ने चकरोड निकाल दिया था। रोकने पर मारपीट की गई थी।
मृतक श्याम सिंह के बडे़ पुत्र संजीव कुमार ने बताया उसके चाचा चंद्र पाल की 20 साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी मौत के बाद उनके हिस्से की जमीन उसके पिता के नाम आ गई थी, लेकिन उसकी बुआ ने उस जमीन पर अपना दाबा ठोेंक दिया। उन्होंने कोर्ट में मामला दायर कर दिया। जिसका विवाद अभी भी चल रहा है। उसकी बुआ को गांव के लोगों ने शह दी और वही लोग उनसे रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश को लेकर गांव के दबंगों ने एक साल पहले उसके खेत पर रखे इंजन को तोड़ दिया और झोपड़ी में आग लगा दी।
जानकारी होने पर वह परिवार के साथ गए तो उक्त लोगों ने उनके साथ मारपीट की। वह थाने गए तो पुलिस ने उसे व दूसरे पक्ष के लोगों को शांति भंग में जेल भेज दिया। उसने बताया कि इसके बाद गांव के दबंग उसे कई बार जान से मारने की भी धमकी दे चुके हैं। संजीव ने बताया तीन माह पहले दबंगों ने जबरन उसके खेतों से चकरोड निकलवा दिया था।