सिविल लाइन थाने के बाहर नारेबाजी करते भाजपाई। अमर उजाला
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नुमाइश देखने गए भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे के पुत्र ऋषभ दुबे के साथ पुलिस ने मारपीट कर दी। इससे गुस्साए भाजपाइयों ने सिविल लाइन थाने और एसएसपी आवास पर जमकर हंगामा किया। रविवार देर रात दो बजे सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक और नुमाइश चौकी प्रभारी को निलंबित किए जाने पर ही भाजपाइयों को शांत किया जा सका।
शिव महेश के पुत्र ऋषभ दुबे, आयुष और भांजा लोकेश परिवार के साथ देर शाम नुमाइश देखने गए थे। वहां ऋषभ का किसी से विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई। नुमाइश चौकी प्रभारी विवेक कुमार दोनों पक्षों को नुमाइश में बनी चौकी पर ले गए। फिर वहां से दोनों पक्षों को सिविल लाइन थाने लाया गया। प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाया और छोड़ दिया। इसी दौरान ऋषभ दूसरे पक्ष पर कार्रवाई के लिए अड़ गया। इस पर पुलिस ने उसको पीटा और थाने में ही बैठा लिया। यह खबर फैलते ही थाने पर भाजपाइयों का हुजूम उमड़ पड़ा।
शिव महेश दुबे के अलावा विधायक सरिता भदौरिया, सावित्री कठेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष रमांकात शर्मा, पूर्व विधायक केके राज व सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाना घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज कर सस्पेंड करने की मांग करने लगे। थोड़ी देर बाद आए एसडीएम सदर व सिटी मजिस्ट्रेट नेे समझाने की कोशिश की, लेकिन भाजपाई अपनी मांग पर अड़े रहे। उनके तेवर देख आसपास के थानों की भी फोर्स बुला ली गई। साढे़ 12 बजे तक कार्रवाई न होने पर भीड़ ने एसएसपी आवास पर पहुंचकर घेराव किया। एसएसपी अशोक त्रिपाठी ने विधायक व जिलाध्यक्ष को बुलाकर पूरी बात सुनी और प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी व नुमाइश चौकी प्रभारी विवेक को सस्पेेंड कर दिया। एसएसपी ने कहा कि किसी को थाने लाकर पीटना गलत है।