पुलिस ने गुरुवार को किन्नर रजनीबाई उर्फ रंजीता की हत्या की गुत्थी सुलझा दी। रजनीबाई की हत्या बड़े इलाके और संपत्ति की लालच में उसी के दो किन्नर साथियों ने दो सहयोगियों के साथ जहर देकर की थी। पुलिस दो आरोपी किन्नर और एक ग्रामीण को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। आरोपियों के पास से रजनीबाई के जेवर और नगदी और एटीएम कार्ड मिला है।
थाना क्षेत्र के अहेरीपुर पुलिस चौकी के तहत कस्बा अहेरीपुर में बीती 23 सितंबर को किन्नर रजनीबाई उर्फ रंजीता की हत्या उसी के घर में कर दी गई थी। आरोपी शव को घर में बंद कर भाग गए थे। कई दिन बाद बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी। पुलिस के पहुंचने पर रजनीबाई का सड़ा गला शव चारपाई में पड़ा मिला था। इसके बाद किन्नर सपना ने बरेली की किन्नर आरती के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामले में आरती व रजनीबाई के मोबाइल फोन की डिटेल खंगाली तो पता चला कि दोनों के बीच काफी समय से कोई बात नहीं हुई थी।
गुरुवार को बकेवर थाना पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि किन्नर रजनीबाई की हत्या उसके साथी अलीगढ़ के शसनीगेट निवासी रानी उर्फ अंजली किन्नर, मैनपुरी के खेरा निवासी शबनम किन्नर, बकेवर अहेरीपुर के केशमपुर निवासी भूरे सिंह पुत्र कालीदीन और बिधूना के कुदरकोट निवासी रवि ने की है। इन चारों ने रजनीबाई को शराब में जहर मिलाकर पिला दिया।
उसके बाद शव को घर में ताला बंद कर भाग गए। पुलिस ने रानी, शबनम और भूरे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रवि फरार है। पकड़े गए लोगों से रजनीबाई से लूटा गया करीब दस तोला सोना व काफी मात्रा में चांदी के जेवरात व 18 हजार 545 रुपये बरामद हुए हैं।
साथ ही रजनीबाई का एटीएम कार्ड व आधार कार्ड भी मिला है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी नजर रजनीबाई के मकान पर थी। उसको मारने के बाद मकान और उसके इलाके पर भी कब्जा करना चाहते थे। खुलसा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष बकेवर आलोक राय, एसआई बिजेंद्र शर्मा, दीवान अवध नारायण, कांस्टेबल टिंकू शर्मा, राजीव पराशर तथा स्वाट टीम प्रभारी सतीशचंद्र यादव, सिपाही कपिल कुमार, विवेक कुमार, गजेंद्र मिश्रा, विनय कुमार, संजीव कुमार, शामिल हैं।