लखना से पकड़े गए फकरे आलम और उसका घर आईबी के रडार पर एक सप्ताह से था। सपा पार्टी के सिंबल साइकिल छपी नंबर प्लेट वाली पल्सर से फकरे के घर व मोहल्ले के आस पास खुफिया विभाग के लोग घूमते रहे। इन्हीं संदिग्ध लोगों को पकड़ कर लोगों ने पुलिस को सौंपा था। पुलिस की पूछताछ में आईबी के लोग तेलंगाना राज्य के निकले। पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
जिस समय एटीएस और क्राइम ब्रांच ने शाम करीब 6 बजे यह ऑपरेशन शुरू कर फकरे के घर से उठाया। उसके करीब आधा घंटे बाद फकरे के घर से करीब चार सौ मीटर दूर खेड़ा मुहाल में एक पल्सर पर सवार तीन लोगों को मोहल्ले के लोगों ने संदिग्ध मानते हुए पकड़ लिया। कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट भी कर दी । पब्लिक ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दे दी। लोगों के मुताबिक उनका एक साथी पास में खड़ा मुस्कराता रहा। पकड़े गए लोगों को पकड़कर पुलिस थाने पर ले गई। उन्होंने अपने को आईबी तेलंगाना का बताया लेकिन थाना पुलिस ने भरोसा नही किया। बकेवर एसओ जेपी यादव ने अपने उच्चाधिकारियों को फोन पर सारी बात बताई। बाद में आईबी के आईजी तुरंत आईजी कानपुर व एसएसपी इटावा को फोन किया तो थाना पुलिस उनकी आवभगत में जुट गई। इंस्पेक्टर सुदर्शन रेडी उनका नेतृत्व कर रहे थे। आईबी के चारो लोग रात्रि में ही चले गए।