शिकायतकर्ता से बात करते सीएमएस अशोक कुमार।
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भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय के महिला अस्पताल में बने 102 एंबुलेंस सेवा बूथ पर शनिवार को एक प्रसूता के परिजन उसे घर ले जाने के लिए एंबुलेंस लेने पहुंचे तो उनसे 500 रुपये मांगे गए। इस पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस से इसकी शिकायत की। हंगामा होते देख बूथ पर मौजूद प्राइवेट एंबुलेंस चालक भाग गए। बाद में प्रसूता को घर भेजा गया।
गत गुरुवार को रामपुर ऊसराहार निवासी राजकुमार अपनी भाभी देवकी को डिलीवरी के लिए महिला जिला अस्पताल ले गया था। डिलीवरी के बाद डाक्टर ने शनिवार को उसकी छुट्टी कर दी। राजकु मार आशा शशि के साथ भाभी को घर ले जाने के लिए सीएमएस कक्ष के ठीक सामने स्थित 102 एंबुलेंस सेवा के बूथ पर पहुंचा। बूथ पर बैठे व्यक्ति से उसने जब एंबुलेंस की मांग की तो उससे 500 रुपये चार्ज मांगा गया। जब उसने सरकारी योजना का हवाला दिया तो कहा कि मरीज अकेला है और घर ज्यादा दूर है, इसलिए 500 रुपये देने पर ही एंबुलेंस मिलेगी।
इससे नाराज परिजनों ने बूथ पर हंगामा शुरू कर दिया और सीएमएस अशोक कुमार से मामले की शिकायत की। बात बढ़ती देख बूथ पर मौजूद व्यक्ति भाग गया। सीएमएस अशोक कुमार ने 102 एंबुलेंस सेवा के ईएमटी ब्रह्मानंद से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि वह कुछ देर के लिए सहयोगी को बूथ पर छोड़कर चला गया था। हो सकता है कि इस बीच किसी प्राइवेट चालक ने बूथ पर आकर परिजनों से बात की हो। उनके कर्मचारी द्वारा मरीज से पैसे की मांग नहीं की जाती। सीएमएस ने पीड़ित को आश्वासन दिया कि वह मामले की जांच करेंगे। अस्पताल में अगर प्राइवेट एंबुलेंस चालक सक्रिय हैं, तो उन पर नकेल कसी जाएगी।