अपर जिला जज अष्टम ने एक परिवाद की सुनवाई करते हुए कानूनगो को पाक्सो एक्ट में तलब किया है। वहीं किशोरी के भाई से मारपीट करने पर 13 अन्य ग्रामीणों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। सभी को 28 फरवरी तक कोर्ट में पेश होना है।
मामला भरथना थाना क्षेत्र के एक गांव का है। इसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि उसका गांव में मकान बना हुआ है। चारों ओर बाउंड्री बनी हुई है। 24 जुलाई 2015 को चार बजे अपनी पुत्री के साथ घर पर थी। उसके पति बाहर गए थे और पुत्र खेत पर था। इसी दौरान ताखा तहसील के कानूनगो अनिल यादव, नायब तहसीलदार व दो होमगार्ड कार से आए। अनिल यादव ने उसकी दीवार तोड़ने का आदेश दिया। इस पर उसने उन्हें रोका और बताया कि उसके पति घर पर नहीं है और इस जमीन पर दीवानी का मामला चल रहा है। तभी घर से उसकी नाबालिग पुत्री आई और उसने दीवानी मामले के कागजात देखने को कहा। इस पर कानूनगो घर के अंदर चले गए।
उसकी पुत्री कागज दिखा रही थी तभी कानूनगो ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया और चारपाई पर पटक दिया। उसकी पुत्री ने शोर मचाया तो वह भी अंदर गई। इस पर कानूनगो बाहर भाग आया। बाद में कानूनगो ने गांव के अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी दीवार गिरा दी।
इसी दौरान खेत से उसका पुत्र भी लौट आया। उसने घटना का विरोध जताया तो कानूनगो सहित गांव के ही प्रमोद, गोलू, रामचंद्र, राजपाल, गौरव, राजू, शिव कुमार, नितिन, मुंशीलाल, बाबूराम, महाराज सिंह अवधेश कुमार व अनुज ने उसे पीट दिया। बाद में धमकी देकर चले गए। इस संबंध में उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया। रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने परिवाद की सुनवाई के बाद आरोपियों को कोर्ट में तलब किया हैं। पीड़िता के अधिवक्ता प्रशांत दुबे ने बताया कि कोर्ट ने कानूनगो अनिल कुमार यादव को धारा 11 पाक्सो एक्ट व अन्य लोगों को धारा 323, 427 के तहत कोर्ट में तलब कर उन्हें 28 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया है।