कांग्रेस नेत्री हंसमुखी शंखवार के छोटे बेटे ने मंगलवार की रात गले में फंदा कसकर जान दे दी। किताब से मिले सुसाइड नोट में एक लड़की का जिक्र है और चार मोबाइल नंबर भी लिखे हैं। पुलिस प्रेम में निराशा को खुदकुशी की वजह मान रही है।
शहर के मोहल्ला कटरा फतेह महमूद खां स्थित घर में ही आत्मघाती कदम उठाने वाला अभिषेक (18) चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज, एवरा (इटावा) में बीसीए द्वितीय सेमेस्टर का छात्र था। इटावा संसदीय सीट से साल 2014 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं हंसमुखी शंखवार के सबसे छोटे बेटे अभिषेक ने मंगलवार को मां और पिता बलराम सिंह के साथ रात का खाना खाया था। इसके बाद वह ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने चला गया था। बुधवार की सुबह पिता बलराम सिंह ओवरहेड टैंक में पानी चेक करने के लिए छत पर गए तो छत पर लगे जाल से बंधे साड़ी के फंदे से अभिषेक का शव झूलता नजर आया। उनकी चीख सुनकर घर के बाकी सदस्य व आसपास के लोग छत पर पहुंचे। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने के साथ वहां मौजूद चीजों को चेक किया।
कोतवाल प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि अभिषेक के कमरे मौजूद एक किताब में सुसाइड नोट मिला है। उसमें चार मोबाइल नंबर व एक लड़की का नाम लिखा है। मोबाइल फोन चेक करने पर पता चला कि अभिषेक ने रात में आई अंतिम कॉल पर करीब 21 मिनट बात की थी। पहली नजर में मामला प्रेम में निराशा पर आत्महत्या का लग रहा है। अभिषेक के फोन की कॉल डिटेल और सुसाइड नोट की लिखावट का परीक्षण कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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