पुलिस लाइन में ट्रक ड्राइवर की हत्या में पकड़े गए अभियुक्तों की जानकारी देते अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव
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पुलिस ने ट्रक चालक की हत्या का खुलासा कर दिया है। क्लीनर ने अपने दोस्ताें के साथ मिलकर चालक की हत्या की थी। इनका इरादा ट्रक और उसमें लदे माल को बेचना था।
19 मई को ट्रक चालक बृजमोहन पश्चिम बंगाल के वर्धबान जिले से ट्रक में चावल लादकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। उसके साथ क्लीनर युनूस उर्फ मनोज था। 21 मई की सुबह यह कानपुर आ गए। यहां से दोपहर बाद ट्रक की रवानगी हुई।
जसवंतनगर से पहले कचौरा बाईपास पर कांशीराम कालोनी के निकट क्लीनर ने ट्रक रुकवा लिया। यूनुस व उसके तीन दोस्तों ने बृजमोहन को शराब और कबाब की पार्टी का लालच देकर रोका था। कांशीराम कालोनी में यह पार्टी हुई। योजना के मुताबिक रात में इन्हाेंने बृजमोहन की हत्या कर शव कचौरा बाईपास पर रेलवे पुल से पहले सड़क किनारे फेंक दिया। यह बृजमोहन का मोबाइल व उसके पास से मिले सामान को लेकर फरार हो गए। यह ट्रक को वहीं छोड़ गए। वारदात के एक दिन बाद पुलिस को यह ट्रक लावारिश मिला था। इससे ट्रक को बेचने की इनकी योजना पूरी नहीं हो सकी।
बृजमोहन के ससुर नीरज ने बताया कि क्लीनर युनूस उर्फ मनोज लगभग छह माह पहले ट्रक में सवारी के रूप में कहीं से बैठकर इटावा तक आया था। बातचीत में उसने बृजमोहन से मित्रता कर ली। हत्या से दो माह पूर्व बृजमोहन ने युनूस को ट्रक पर बतौर क्लीनर रखा था।
एएसपी रामकिशुन यादव ने रविवार को पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्याकांड में शामिल युनूस उर्फ मनोज पुत्र साबिर निवासी भदमा बसरेहर, श्रीकृष्ण पुत्र तेज सिंह शाक्य निवासी कैस्त, सत्यभान शाक्य पुत्र बदन सिंह निवासी लुधपुरा, चंद्रपाल शाक्य पुत्र सोबरन सिंह निवासी तपा की नगरिया मैनपुरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।