शहर के पक्काबाग तिराहे पर पिकेट प्वाइंट के ठीक सामने मवेशियों को डीसीएम में लादने का विरोध करने वाले युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मवेशी तस्करों ने पहले युवक व उसके साथी के साथ मारपीट की। बाद में गोली मार दी। पिकेट प्वाइंट से चंद कदमों की दूरी पर हुई वारदात की सूचना देने के बाद भी पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची, तब तक हमलावर डीसीएम को लेकर काफी दूर निकल गए।
इकदिल थाना क्षेत्र के गांव बंधा निवासी महेंद्र सिंह जाटव (30) पुत्र रामनारायन गुरुवार की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने साले कमलेश की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लेकर आया था। परिवारीजन भी साथ थे। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद रात 12:15 बजे महेंद्र अपने भांजे सनी कुमार पुत्र रामवरन निवासी बंधा के साथ बाइक से घर के लिए निकला।
वह पक्काबाग तिराहे पर पहुंचा था कि तकिया चौकी के पिकेट प्वाइंट के सामने कुछ लोग मवेशियों को डीसीएम में लादते दिखे। महेंद्र सिंह ने पूछताछ की तो पता चला कि वे मवेशियों के तस्कर हैं और मवेशी चोरी करके ले जा रहे हैं। सारा माजरा समझते ही महेंद्र ने विरोध किया। इस पर तस्करों ने सनी और महेंद्र के साथ मारपीट शुरू कर दी।
खुद के पिटने के बावजूद महेंद्र ने विरोध करना बंद नहीं किया तो मवेशी तस्करों ने तमंचा निकालकर महेंद्र सिंह को गोली मार दी। गोली उसके पेट में जा घुसी और वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। युवक के जमीन पर गिरते ही हमलावर डीसीएम लेकर फरार हो गए। बाद में सनी ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और महेंद्र को जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डाक्टरों ने महेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
युवक को गोली मारे जाने की सूचना जब इकदिल थाना पुलिस को मिली तो थानाध्यक्ष राधामोहन द्विवेदी अस्पताल पहुंचे और परिजनों ने उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी। इस संबंध में सनी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों की खोजबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।