बकेवर। कम्युनिस्ट नेता रमेश चंद शुक्ला के परिवार में शुरू हुआ संपति का विवाद आखिरकार उनके एक बेटे की जान ले ली। हालत यह है कि उन्होंने खुद अपने दूसरे बेटे के खिलाफ 50 करोड़ की संपति्त के लिए हत्या का षड़यंत्र रचने एवं नाती के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इससे पहले आरोपी रमेश चंद्र शुक्ल पर भी जानलेवा हमला कर चुका है। बकेवर के गांधीनगर निवासी कम्युनिस्ट नेता रमेश चंद शुक्ल की पहली पत्नी कमला देवी की पांच संतान हैं। जिसमें एक लड़का विमल प्रकाश व चार पुत्रियां शशि , शैल कुमारी उर्फ गुड़िया, साधना, सरिता हैं। चारों बेटियों की शादी हो चुकी है। सबसे बड़ी पुत्री शशि की ससुराल जसवंतनगर में है। वह कई सालों से बकेवर हाईवे के किनारे एक कमरे में रह रही हैं। उसके पति की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। उसका पुत्र जयपुर में अपनी बुआ के पास रहता है।
दूसरी पुत्री शैलकुमारी उर्फ गुड़िया की ससुराल आगरा जनपद के कचौराघाट में है। साधना व सरिता का विवाह भी इटावा में हुआ है। बाद में रमेश चंद नर्स वेद कुमारी के साथ अहेरीपुर कस्बे में रहने लगे। वेद कुमारी से छवि मोहन शुक्ला पैदा हुए। बच्चों के बड़े होने पर परिवार में संपति को लेकर विवाद शुरू हुआ। कमला देवी की 23 जनवरी 2018 को मृत्यु हो गई थी। विमल प्रकाश की पत्नी ने बताया कि उनके ससुर रमेशचंद्र पहली पत्नी के शव को दाग देने भी नहीं आए। विमल ने अपनी मां का अंतिम संस्कार एवं त्रयोदशी संस्कार किया। पुराने मुगल रोड स्थित मकान के सामने बहनोई राकेश बाजपेयी ने एक खोखा रख लिया था। चाय, पान मसाला, कोल्ड ड्रिंक आदि बेचकर अपनी गुजर बसर करता था। छविमोहन शुक्ला ने कुछ समय पूर्व कोल्डड्रिंक की एजेंसी ली थी। उसे ठंडी करने के लिए फ्रीजर मिला था। उसे राकेश के खोखा पर रखवा दिया था। वह खोखा बंद कर फ्रीजर को भी अपने साथ ले गए। वही फ्रीजर लेने के लिए छविमोहन गए थे। विवाद होने पर भांजे अंकित ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी।