पुलिया के नीचे मौजूद शव को देखती पुलिस व ग्रामीण। अमर उजाला
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कोतवाली क्षेत्र के तहत कर्वा गांव के सामने नहर की पुलिया के नीचे झाड़ियों में फंसा एक महिला का शव मिला है। शव की शिनाख्त भरथना के आलमपुर गांव निवासी रीता के रूप में हुई है। रीता काफी दिनों से लापता थी, लेकिन परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई।
ऊमरसेंडा व बहारपुर से होकर निचली गंग नहर गुजरी हुई है। रविवार सुबह करीब 7 बजे इसी नहर के कर्वा पुलिया के इर्दगिर्द झाड़ियों में फंसा एक महिला का शव लोगों ने देखा। खबर फैलते ही जमावड़ा लगना शुरू हो गया। सूचना पर सीओ बैजनाथ व कोतवाल महेंद्र प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव की शिनाख्त को लेकर लोगों से जानकारी जुटाई तो शव थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर निवासी रीता (34) पत्नी राजवीर के रूप में हुई। पुुलिस ने शिनाख्त के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
आलमपुर गांव के ही निवासी बहनोई बलराम ने बताया कि कुछ दिन पहले रीता अचानक घर से लापता हो गई थी। उसका पति राजवीर किसान है। रीता के तीन संतानें हैं जिनमें आठ वर्षीय राधा, चार वर्षीय कन्हैया व करीब चार माह की एक अबोध बच्ची है। बलराम ने बताया कि रीता के लापता होने के बाद पति राजवीर खोजबीन कर रहे थे। इसी वजह से वह गांव में भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि रीता का मायका औरैया जिले के थाना अजीतमल के तहत ग्राम शाला बढ़ेरा में है।
ग्रामीणों का मानना है कि खेत को बेचने को लेकर पति पत्नी में पिछले दिनों विवाद भी हुआ है। कोतवाल महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रीता की शिनाख्त उसकी बहन सरोज पत्नी बलराम ने की है। एक ही गांव में दोनों बहनों की ससुराल है। जानकारी मिली है कि कुछ रोज पहले रीता घर से लापता हो गई थी। उसकी गुमशुदगी की सूचना परिजनों ने थाना पुलिस को नहीं दी। पति राजवीर पत्नी की खोजबीन में बाहर गए होने की जानकारी दी गई है। शव को देखकर लग रहा कि यह 4-5 दिन से पानी में होगा। शरीर पर चोटों के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम करवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ जानकारी हासिल होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।