आठ दिन पहले आठ नवंबर को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम नगला कांस में 20 वर्षीय युवक के अपहरण का मामला पूरी तरह फर्जी निकला। युवक ने परिजनों के तय की गई शादी न करने के लिए अपहरण का झूठी कहानी रची थी। जिसका खुलासा बुधवार को क्राइम बांच ने युवक को बरामद कर किया। पुलिस ने युवक के खिलाफ फर्जी अपहरण की कहानी रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया और उसकी शादी की रस्म पूरी होने के बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा।
एसएसपी शिवहरि मीणा ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा करते हुए बताया कि राजेंद्र सिंह कुशवाहा निवासी नगला कांस ने थाना सिविल लाइन में अपने पुत्र सुनील कुमार के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि सुनील ने मोबाइल पर सूचना दी है कि गांव के बाहर से कुछ बदमाश उसको एक कार में जबरन ले गए हैं।
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इसपर तुरंत ही थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। इसके लिए क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया। क्राइम ब्रांच टीम ने सुनील की कॉल की रिकार्डिंग का परीक्षण किया। जिसमें अपहरण का मामला फर्जी होने की संभावना पर जांच की गई। जिसमें पाया गया कि सुनील अपने गांव से भागकर राजकोट गुजरात गया है और किसी फैक्ट्री में काम कर रहा है।
इस पर पुलिस टीम सुनील को गुजरात से वापस लाई। पूछताछ में सुनील ने अपहरण के मामले को झूठा बताते हुए कहा कि परिजनों ने उसका विवाह तय किया था और उसकी शादी 16 नवंबर को थी। वह इस शादी के लिए सहमत नहीं था और इसी से नाराज होकर घर से भागकर अपहरण का ड्रामा रचा। एसएसपी ने बताया कि घर वापसी के बाद सुनील अब विवाह के लिए तैयार है और 16 नवंबर को ही उसका विवाह है। फर्जी अपहरण की कहानी पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवाह की रस्म पूरी होने के बाद सुनील को जेल भेज दिया जाएगा।