सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेडियोलोजिस्ट विभागाध्यक्ष के कमरे में शुक्रवार सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और दमकल टीम ने करीब चालीस मिनट की मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से कमरे में रखे रिकार्ड व अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया है। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेडियोलोजिस्ट विभागाध्यक्ष के कक्ष में अचानक आग लग गई।
लोगों ने कमरे से धुआं उठता देखा तो शोर मचाया। आग लगने की जानकारी मिलने पर यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों और अधिकारियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। चारों ओर धुआं फैलने से आग बुझा रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने आग लगने की जानकारी दमकल विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और विविा कर्मचारियों के साथ आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। करीब चालीस मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल विभाग की टीम जब तक आग पर काबू पाती तब तक कमरे में रखा सामान व कागजात के अलावा कंप्यूटर, फर्नीचर, दरवाजे व खिड़की जलकर राख हो गई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया है। आग लगने से किसी तरह की कोई जन हानि नहीं हुई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के वर्मा ने बताया कि आग रेडियोलोजिस्ट के तीन कमरों में लगी थी। प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शार्ट सर्किट है। फिर भी जांच जारी है।
आग लगने की जानकारी मिलने पर कुलपति डॉ. राजकुमार, प्रति कुलपति डॉ. रमाकांत यादव रजिस्ट्रार डॉ. पीके जैन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार, एसडीएम हेम सिंह के अलावा अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। प्रति कुलपति डॉ. रमा कांत यादव ने बताया कि आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया है। आग लगने से ओपीडी पर कोई असर नहीं पड़ा है। मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई है। उधर, कुलपति डॉ. राजकुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी इस बात की जांच करेगी कि आग कैसे लगी और आग लगने से कितना नुकसान हुआ और कौन कौन से कागजात जल गए हैं।
शुक्रवार की सुबह मेडिकल यूनिवर्सिटी में आग लेने से आठ कुर्सी, मेज, सोफा, कंप्यूटर सेट बॉयोमीट्रिक मशीन, पुस्तकें, फॉल सिलिंग, इंटरकॉम, तीन सीलिंग फैन, एसी, दरवाजे व खिड़कियां जल गए। आग लगने से करीब साढे़ चार लाख के नुकसान का आंकलन किया गया है।
मेडिकल कॉलेज के पीआरओ अनिल कुमार पांडे ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट रूप में बगल में एक्स-रे रूम है। अगर आग बढ़ती को एक्सरे रूम की मशीनों को नुकसान हो सकता था। वहां पर लाखों रुपये की हाईटेक मशीनें लगी हैं। साथ ही मरीज भी मौजूद थे।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजिस्ट रूम में आग लगने की खबर मिलते ही वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदारों में दहशत फैल गई। कई तीमार अपने मरीजों को लेकर बाहर आ गए। मामला बढ़ता देखकर स्टॉफ ने मरीजों को संतुष्ट किया और आग बुझने की जानकारी दी। उसके काफी देर बाद तक मरीज और तीमार दार लोगों से घटना की जानकारी लेते रहे।