कर्जदार किसान ने फांसी लगाकर जान दी
दो लाख रुपये का था कर्ज, इसको लेकर परिवार में होता था विवाद
अमर उजाला शब्यूरो
बसरेहर(इटावा)। चौबिया के अडूपुरा गांव में गुरुवार रात किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। उस पर स्टेट बैंक का दो लाख का कर्ज था। परिजनों के मुताबिक कर्ज चुकाने को लेकर वह तनाव में रहते थे। इससे परिवार में विवाद होता रहता था। कर्ज को लेकर परेशानी के चलते खुदकुशी की हैै। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के नाम चार व मां मीना देवी के नाम 10 बीघा खेती है।
क्षेत्र के गांव अडूपुरा निवासी सतेंद्र यादव (32) पुत्र रूपलाल यादव गुरुवार शाम को खाना खाने के बाद सोने के लिए कमरे में चले गए। यहां रस्सी का फंदा डालकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद पत्नी ज्योति कमरे में गई तो पति को फंदे पर लटका देखकर चीख निकल गई। शोर मचाने पर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। सतेंद्र को फं दे से उतारा गया। तब तक मौत हो चुकी थी। परिजनों की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के चचेरे भाई वीरेंद्र सिंह पुत्र लज्जाराम ने बताया कि सतेंद्र ने दो साल पहले रायम नगर स्टेट बैंक की शाखा से दो लाख का कर्जा लिया था। कर्ज अदा नहीं हो पाया। इससे वह परेशान रहते थे। घर में विवाद होता रहता था। इसी परेशानी में फांसी लगाकर जान दी है। मृतक के चार बच्चे हैं। एसओ चौबिया सतीश यादव ने बताया बताया गया है कि मृतक पर बैंक का कर्जा था। कर्ज अदा न कर पाने से परेशान होकर उसने फांसी लगा ली। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।