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38 घरों और पशुवाड़ों में लगी आग, लाखों का नुकसान

Mon, 20 May 2019 11:50 PM IST
प्रतीक दुबे इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
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छत पर चढ़कर आग पर काबू दमकल कर्मी। - फोटो : amar ujala
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मड़ैया दिलीप नगर गांव में सोमवार दोपहर 25 घरों व 13 पशुबाड़ों में आग लग गई। इसमें दो भैंसों समेत करीब 20 लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग लगने की वजह साफ नहीं हुई है। फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने पर नाराज ग्रामीणों ने पुलिस जीप का शीशा तोड़ दिया। आग को बढ़ने से रोकने के लिए लोगों ने खुद ही अपने घरों पर पड़े छप्पर तोड़ डाले। करीब साढ़े तीन घंटे की कवायद के बाद दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। सूचना पर सीओ भरथना समेत कई अन्य थानों का फोर्स मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में लगा रहा।
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बकेवर थाना की वराऊख चौकी क्षेत्र के बीहड़ में मड़ैया दिलीप नगर गांव स्थित है। गांव में केवल मल्लाह जाति के लोग ही रहते हैं। सोमवार दोपहर साढे़ 12 बजे अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई।  इससे 25 घर और 13 पशुबाड़े व भूसा रखने के स्थान जल गए। आग सबसे पहले जयप्रकाश पुत्र रामस्वरूप के पशुबाडे़ में लगी देखी गई। गांव के लोग जब तक समझ पाते और पशुबाड़े में लगी आग को बुझाते तब तक तेज हवा के कारण आग ने लगभग पूरे गांव को चपेट में ले लिया। लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी। सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल टीम के देरी से पहुंचने पर लोगों में आक्रोश पैदा हो गया और लोगों ने प्रभारी निरीक्षक बकेवर की गाड़ी पर पत्थर मारकर शीशा तोड़ दिया।   घटना की सूचना पर सीओ भरथना बैजनाथ, थानाध्यक्ष चकरनगर, लवेदी, फ्रेंड्स कालोनी, सीएफओ के वर्मा, सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आग बुझाने के लिए लगा रहा। वहीं इस मौके पर पहुंचे तहसीलदार चकरनगर नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस भीषण अग्निकांड के लिए मुआयना करने के लिए राजस्व कर्मियों को लगाया गया है। इस आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका। लगभग 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
 
आग से इन परिवारों का हुआ नुकसान  
आग लगने से जयप्रकाश पुत्र रामकिशोर, चंद्रपाल, रामजीत पुत्रगण हरचरन, आदिराम ,रोशन पुत्रगण मनीराम, संतोष पुत्र हरीराम, रामश्री पत्नी दशरथ, खूबचंद, राजनारायण पुत्रगण जोराबर, राजवीर पुत्र विद्याराम, शंभू पुत्र रामेश्वर दयाल, शिवचरन पुत्र पृथ्वीराम, रामसिया पुत्र लालमन, लख्मीचंद्र पुत्र सुन्दरलाल, बदनसिंह, धीरज सिंह, नरेंद्र, शिवसिंह पुत्रगण सदाराम, कलावती पत्नी सदाराम, पप्पू पुत्र रामकिशोर, तीरथ पुत्र मिजाजी लाल, भोली पुत्र सरमन, महेंद्र पुत्र रसी, सूरज पुत्र रघुनाथ, मन्नालाल पुत्र लालाराम, सत्यभान पुत्र आनंद किशोर, करन, सोनू पुत्रगण जिताबर सिंह, राम औतार पुत्र शिवराम, सूरजपाल पुत्र रघुनाथ, ओमप्रकाश पुत्र रामनाथ के घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। जयप्रकाश पुत्र रामस्वरूप की पशुबाडे़ में बंधी तकरीबन डेढ़ लाख रुपये की दो भैंसें भी जलकर मर गई।
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इनसेट
साल भर पहले भी लगी थी आग
दिलीपनगर में एक वर्ष पूर्व भी आग लगी थी। इसमें दस घर जलकर राख हो गए थे। यह आग भी पशुबाड़े से शुरू होकर गांव में फैल गई थी। उसमें भी दो भैंसें जल कर कर मर गई थीं।  एक वर्ष पूर्व भी 30 मार्च को दिलीपनगर में आग लगी थी जिसमें दस घरों की गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया था। यह आग भी रोशन पुत्र हरीराम के पशुबाडे़ से शुरू हुई थी। आग की चपेट में आने से रोशन पुत्र हरिराम, संतोष पुत्र हरिराम, कोमल पुत्र चैनसुख, पप्पू पुत्र मुन्नीलाल, रामश्री पत्नी दशरथ, शिवसिंह पुत्र रामप्रकाश, खेमचंद पुत्र रामप्रकाश, फूलसिंह पुत्र जोरावर, दीपू पुत्र रोशन लाल, राजनारायण पुत्र जोरावर, रामवीर पुत्र रामबाबू के घर जल कर राख हो गए थे। आग की चपेट में आने से संतोष की एक भैंस व खेमचंद की भैंस की मौत हो गई थी।
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