बढ़पुरा थाना क्षेत्र के बीहड़ के गांव असवा कछार में शुक्रवार की दोपहर को चूल्हे की चिंगारी से भड़की आग ने 32 घरों की गृहस्थी राख कर दी। चार घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। हादसे में 21 मवेशी जल गए। देर शाम आला अधिकारियों ने नुकसान जायजा लिया। सदर विधायक ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया।
शुक्रवार की दोपहर को असवा कछार गांव के लोग घरों में मौजूद थे। तभी गांव के पश्चिमी ओर स्थित चंद्रभान के मकान में आग लग गई। बताया जा रहा है कि चूल्हे से निकली चिंगारी और तेज हवा के चलने से यह आग लगी। दोपहर होने व तेज गर्म हवाएं चलने के कारण आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। चूंकि गांव में ज्यादातर छप्पर पडे़ कच्चे मकान हैं। इस कारण आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। एक के बाद एक 32 घर आग की चपेट में आ गए। ग्रामीण जान बचाने के लिए घरों से निकल आए। इसके साथ आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए। कुछ लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी । सूचना मिलने के बाद दमकल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रयास शुरू किए। चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
अग्निकांड में चंद्रभान पुत्र परशुराम, श्रीकृष्ण पुत्र परशुराम, सरनाम सिंह पुत्र रामचंद्र, लालाराम पुत्र रामचंद्र , दिलासाराम पुत्र अर्जुनसिंह, लाखन सिंह पुत्र राम दुलारे, सत्यनारायण पुत्र खुशीलाल, आजादी पुत्र राम दुलारे, पूरन सिंह पुत्र मोहर सिंह, संजीव पुत्र पूरन सिंह, रामौतार पुत्र राम लखन, सीता राम पुत्र छविराम, हुकुम सिंह पुत्र भोले राम, सूरज सिंह पुत्र हुकुम सिंह, अंगद पुत्र हुकुम सिंह, आशा राम पुत्र श्याम लाल, अरविंद पुत्र आशाराम, विनोद पुत्र रामसेवक, अशोक पुत्र देवीदयाल, मोहन पुत्र अशोक कुमार, रामजीवन पुत्र रामदास , नत्थूसिंह पुत्र रामजी लाल, प्रवेशपत्र राम पुत्र जीलाल, राम सेवक पुत्र राम नाथ , सुरेश पुत्र राम सेवक ,नरेश पुत्र रामसेेवक, जनमेद पुत्र रामसेवक, लल्लू पुत्र राम सेवक, राजवीर पुत्र रामसेवक, कोमल सिंह पुत्र हुकुम सिंह, पंकज पुत्र अशोक, विजयसिंह पुत्र भोले राम आदि के घरों में रखा सामान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से रामनरेश की भैंस के अलावा अशोक के कमरे मेें बंधी 20 बकरियां भी जलकर राख हो गई।
शाम को सदर विधायक सरिता भदौरिया, एसडीएम सदर सिद्धार्थ, सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और पीड़ितों का हालचाल लिया। अग्निशमन अधिकारी के वर्मा ने बताया कि चार घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। उन्होने बताया कि ऐसा लग रहा कि आग चूल्हे की चिंगारी से लगी। हवा चलने के कारण आग ने पूरे गांव को चपेट में ले लिया।