इटावा। ग्राम इकघरा में हुई किशोरी हत्याकांड में पुलिस की जांच अटक गई है। 15 दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। रविवार को नए विवेचना अधिकारी ने मौका मुआयना कर हत्याकांड में किशोरी के प्रेमी के शामिल होने पर संदेह जताया। घायल प्रेमी अस्पताल से घर आ गया है लेकिन अभी उसके टांके नहीं कटे हैं।
इकघरा गांव में 25 मई को किशोरी की गला दबाकर हत्या के बाद धारदार हथियार से पेट में कई वार किए गए थे। लाश के पास किशोरी का प्रेमी युवक पुष्पेंद्र भी घायल पड़ा था। उसके पेट में भी धारदार हथियार से वार किया गया था। मौके से पुलिस को कोई धारदार हथियार नहीं मिला था। पुलिस को दो मोबाइल फोन जरूर मिले थे। युवक और किशोरी के मोबाइल फोन की पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली लेकिन पंद्रह दिन में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच गई।
दो दिन पहले विवेचना अधिकारी भी बदल गए। नए विवेचक प्रमोद कुमार शुक्ला ने रविवार को मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया। उन्होंने केस डायरी और मौका-ए-वारदात देखकर प्रेमी पर हत्या करने पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उधर घायल प्रेमी पुष्पेंद्र भी अस्पताल से घर आ गया है। उसके पेट में अभी टांके लगे हैं और वह अभी बोल भी नहीं पा रहा है। उसके बयान भी पुलिस को दर्ज करने हैं। किशोरी के पिता ने रविवार को विवेचक से मिलकर खुलासा करने की गुहार भी लगाई।