इटावा। नगला श्यामलाल में गोली लगने से संदिग्ध हालात में मृत जिस युवक की पुलिस ने कुछ ही देर में शिनाख्त शव का पोस्टमार्टम करा दिया था, अब उसे लावारिस बता रही है। शव का कोई वारिस पोस्टमार्टम के बाद नहीं पहुंचा। इससे उसे शवगृह में रखवा दिया गया है। अब लावारिस में अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
मैनपुरी जिले के बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव अटहरैना निवासी जितेंद्र (30) पुत्र रामनरेश की शनिवार सुबह लहरोई गांव के मजरा नगला श्यामलाल निवासी प्रदीप के घर पर संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई थी। जितेंद्र, प्रदीप के बेटे के साथ गुरुग्राम में नौकरी करता था। प्रदीप की पत्नी रानी देवी ने बताया था कि जितेंद्र शराब के नशे में धुत था। वह सीधे छत पर चला गया। जितेंद्र की पत्नी लापता है, वह पत्नी को वापस लाने की जिद कर रहा था। पत्नी के वापस न आने पर उसने जान देने की धमकी भी दी थी। रात भर जितेंद्र छत पर ही पड़ा रहा और सुबह छत पर गोली चलने की आवाज आई। ग्रामीण पहुंचे तो जितेंद्र चारपाई पर मृत पड़ा था।
पुलिस ने आनन फानन में किसी दूर के रिश्तेदार इकदिल थाना क्षेत्र रितोर गांव निवासी रिश्तेदार अजित पुत्र लाखन सिंह से शिनाख्त करा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अब पुलिस को दाव है कि जिस रिश्तेदार अजित ने शिनाख्त की उसने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इनकार कर दिया है।
मृतक के परिवार को कोई सदस्य भी पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचा। जिस शव की कुछ ही देर में शिनाख्त कर पुलिस ने पोस्टमार्टम करा दिया अब उसे ही लावारिस बता रही है। शव को शवगृह में रखवा दिया गया है। कोतवाल महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कोई परिजन शव को लेने नहीं आया है। अभी शव को शवगृह में रखवा दिया गया है। कोई लेने नहीं आएगा तो लावारिस में अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
फोटो संख्या 43: जितेंद्र का फाइल फोटो