अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। दहेज हत्या के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश राम प्रताप सिंह राणा ने दोषी युवक को दस साल जेल और 20 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जसवंत नगर थाना क्षेत्र के गांव नगला इच्छा में रहने वाले रामौतार उर्फ गोदी लाल की शादी 11 जून 2008 को विद्या देवी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही रामौतार के परिवार वाले दहेज के लिए विद्या को परेशान करने लगे। 19 मई 2016 को ससुरालीजनों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगी दी।
इससे विद्या गंभीर रूप ये झुलस गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विद्या ने मृत्यु पहले दिए ब्यान में पति पर मारपीट व मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था।
इसके बाद विद्या के भाई बंटू ने रामौतार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश राम प्रताप सिंह राणा की कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट ने पक्ष व विपक्ष की दलीलों को सुना और सुनवाई के बाद रामौतार को दोषी करार दिया। रामौतार को दस साल की सजा व बीस हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रवीन कठेरिया ने पैरवी की।