अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
एसओ इकदिल समेत चार पुलिस वालों के लाइन हाजिर होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। लाइन हाजिर होने से पहले ही एसओ इकदिल ने भाजपा सदर विधायक सरिता भदौरिया, पूर्व विधायक केके राज सहित छह भाजपाइयों और मृतक युवक के पांच परिजनों व 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है। यह मामला एसओ अमित कुमार ने अपने साथ गाली गलौज करने, देख लेने की धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने में दर्ज कराया है।
एक अक्तूबर को भूलपुरा निवासी कमल की मोबाइल चोरी के शक में पुलिस के पकड़ने के दौरान मौत हो गई थी। मृतक की मां होमगार्ड ऊषा देवी ने सिपाहियों पर मारपीट करके उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। इस प्रकरण की जांच एसएसपी ने सीओ सिटी को सौंपी थी। साथ ही इसकी मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश हुए थे। इसी मामले को लेकर तीन अक्तूबर को सदर विधायक सरिता भदौरिया, पूर्व विधायक केके राज सहित अन्य भाजपाई उसके परिजनों के साथ थाने पहुंचे। जहां उनका एसओ इकदिल अमित कुमार से विवाद हुआ। सत्ता पक्ष की विधायक पर पुलिस को धमकाने का आरोप लगने से भाजपाइयों ने इसे नाक प्रश्न बना दिया और इकदिल थाने से एसओ अमित कुमार को हटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं भाजपा नेताओं ने इस मामले को नौ अक्टूबर को एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन डॉ. रामशंकर कठेरिया के सामने भी उठाया गया। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओ अमित कुमार सहित तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया। इसकी भनक जब एसओ इकदिल अमित कुमार को हुई तो सोमवार को थाने से कार्यमुक्त होने से पहले ही उन्होंने अपनी तहरीर पर सदर विधायक सरिता भदौरिया, पूर्व विधायक केके राज के अलावा भाजपा नेता मुकेश यादव, विधायक प्रतिनिधि हरिनारायण बाजपेई, इरशाद अली टिंकू, शीपू चौधरी के अलावा मृतक कमल की मां ऊषादेवी, भाई रोहित, मोहित, बहिन रेनू और कंचन निवासी भूलपुरा के अलावा 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। दर्ज कराए मामले में आरोप लगाया कि तीन अक्तूबर को वह थाने में बैठा था। तभी विधायक सरिता भदौरिया व अन्य नामजद लोग थाने में घुस आए और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र में उनका नाम भी शामिल था। इस पर उन्होंने कहा कि घटना के समय वह रामवीर निवासी बीलमपुरा के रिमांड के लिए कोर्ट गए थे। उन्हें जानकारी हुई तो वह अस्पताल पहुंचे और मृतक कमल का पंचनामा भरवाया। तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। उन्होंने कहा कि इस मामले मजिस्ट्रेटी जांच हो रही है। इस पर विधायक सदर भड़क उठीं और उसके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया व मेज पर रखे कागजात फाड़ दिए। उनके साथ आए मृतक के भाई रोहित व मोहित ने उनके साथ हाथापाई करते हुए बिल्ले नोच लिए। इस संबंध भाजपा की सदर विधायक सरिता भदौरिया का कहना है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एसओ का आरोप गलत है।
- एसओ को हड़काने में भाजपा विधायक और समर्थकों पर मुकदमा
- पूर्व विधायक सहित पांच भाजपाई व मृतक के पांच परिजन भी आरोपी
- थाने में घुसकर एसओ के साथ गालीगलौज, सरकारी काम में बाधा डालने का मामला