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नाबालिग से दुष्कर्म में 10 साल की सजा

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इटावा। नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पोेस्को एक्ट ने युवक को दस साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दुष्कर्मी पर 13 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में 10 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश हैं।
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अभियोजन पक्ष के वकील दशरथ सिंह चौहान के अनुसार जसवंतनगर कोतवाली क्षेत्र की एक किशोरी पांच अप्रैल 2017 को शाम करीब आठ बजे झंडा पूजा के लिए मंदिर गई थी। जहां से वह लापता हो गई। पिता ने 9 अप्रैल 2017 को जसवंतनगर कोतवाली में राजीव कुमार पुत्र रामास शाक्य निवासी ग्राम कुंअरपुर नगरिया थाना मलावन जिला एटा के खिलाफ किशोरी को बहलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने किशोरी को बरामद कर बयान के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां उसने दुष्कर्म का आरोप लगाया। विवेचनाधिकारी ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट दिनेश कुमार चौरसिया की अदालत में हुई।
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आरोपी ने पीड़िता के रिश्तेदारों पर चार लाख रुपये की उधारी होने के कारण फर्जी फंसने का तर्क किया लेकिन वह इसमें कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाया। किशोरी की आयु की जानकारी के लिए न्यायालय ने स्कूल का राजिस्टर देखा। किशोरी कक्षा 12 तक पढ़ी है।
किशोरी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी राजीव कुमार को दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 363 में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया।
धारा 366 में पांच वर्ष कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना और धारा 376 में 10 वर्ष के कठिन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना जमा करने की सजा सुनाई। न्यायलय ने जुर्माना की राशि में 10 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए। जुर्माना जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटने का आदेश भी न्यायालय ने दिया।
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