इटावा। ड्यूटी से घर लौट रहे कलक्ट्रेट कर्मी के साथ मारपीट करने में चार दोषियों को कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद सुनाई है। उन पर छह-छह हजार का जुर्माना भी लगाया है। मारपीट का मामला 19 साल पुराना है।
बसरेहर के बमनपुर गांव के नवाब सिंह 2004 में कलक्ट्रेट में कार्यरत थे। उन्होंने मारपीट व जानलेवा हमला की रिपोर्ट सात अगस्त 2004 को दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि वह कलक्ट्रेट से नौकरी करके घर जा रहे था। गांव के बाहर तालाब के पास गांव के ही जागेश्वर दयाल, महेश, जय पाल, गोविंद ने घेर लिया और लाठी डंडों से पीटा। तमंचे की बट भी मार दी और फायरिंग भी की। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके चार्जशीट दाखिल की।
सुनाई अतिरिक्त सत्र न्यायालय शीरीन जैदी की कोर्ट में हुई। पीड़ित पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोप सही पाए जाने पर चारों दोषियों को तीन-तीन साल की सजा व छह-छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।