सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के डॉक्टर के घर काम करने की बात कहकर निकली आया का शव संदिग्ध हालात में इमरजेंसी में मिला। परिजनों ने डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया है। पुलिस अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वैदपुरा थाना क्षेत्र के छिमारा गांव निवासी लक्ष्मी (35) पत्नी स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के एक डॉक्टर के सरकारी आवास पर आया का काम करतीं थीं। शुक्रवार सुबह आठ बजे वे चचेरी सास मीना के साथ घर से काम पर जाने के लिए निकली थीं। मीना भी दूसरे डॉक्टर के यहां आया का काम करती है। सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मीना के पास अस्पताल से किसी ने फोन किया कि लक्ष्मी की मौत हो गई है और उसका शव इमरजेंसी में रखा हुआ है। मीना एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंच गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
जेठ अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि जिस डॉक्टर के यहां लक्ष्मी काम करती थी, उसी ने हत्या करके शव इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में रखवा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। मृतका के पति की 10 वर्ष पहले मौत हो गई थी और उसके दो नाबालिग बेटियां व एक बेटा है।
इधर, एसपी देहात सत्यपाल सिंह ने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रथम दृष्टया मामला हादसे का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।