इटावा। अपर जनपद न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अजय कुमार सिंह ने बुधवार को छह साल पुराने दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की कैद सुनाई। उस पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अपर शासकीय अधिवक्ता अजीत तोमर ने बताया कि सिविल लाइन थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले की किशोरी 30 अगस्त 2016 को स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। शाम को वह नहीं लौटी। किशोरी के घर न पहुंचने पर परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बाद में परिवार के लोगों को जानकारी मिली कि उसके मोहल्ले में रिश्तेदारी में रह रहे एक युवक को किशोरी के साथ देखा गया है।
इसके बाद किशोरी के पिता ने 16 सितंबर 2016 को कानपुर देहात के रूरा के बलेथर निवासी श्याम सुंदर उर्फ नन्हे के खिलाफ किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने किशोरी को खोजकर श्याम सुंदर को गिरफ्तार कर लिया था। डॉक्टरी परीक्षण और किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं और आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
विशेष शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी ने मामले की पैरवी की। पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने श्याम सुंदर को दोषी पाया और सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की रकम से 15 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएं।