इटावा। ऊसराहार मुख्य मार्ग से जुड़े नगला जलाल (मंगूपुर) जाने वाले संपर्क मार्ग पर खेत में ग्रामीण का खून से लथपथ शव मिला। दोपहर बाद शव की शिनाख्त हो सकी। गहरे चोटों को देखकर पुलिस पीट-पीटकर हत्या की आशंका जता रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भरथना-ऊसराहार मार्ग से नगला जलाल (मंगूपुर) जाने वाली सड़क पर धान के खेत में सोमवार सुबह 55 वर्षीय ग्रामीण का शव ग्रामीणों ने देखा। शव की खबर मिलते ही आसपास के गांव के ग्रामीण इकट्ठा होने लगे। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार ने शव के पहचान का प्रयास किया। पहचान न होने पर शव लोडर पर थाने लाया गया। दोपहर के समय थाने पर आकर बलराम सिंह ने मृतक की अपने भाई वीरेन्द्र सिंह उर्फ हाकिम सिंह भदौरिया (55 ) के रूप में शिनाख्त की। मृतक के छोटे बेटे विष्णु सिंह ने बताया कि पिता की किसी से दुश्मनी नहीं थी। रात में साथ में खाना खाने के बाद सोने चले गए। वह घर से कब निकले इसकी जानकारी नहीं है। विष्णु ने बताया कि बाकी तीन भाई दिल्ली में नौकरी करते हैं। मां ने कुछ साल पहले आत्महत्या कर ली थी। पिता ने दो माह पहले दो बीघा जमीन बेची थी। पुलिस का कहना है कि मृतक के शरीर पर गहरे चोट के निशान हैं। नाक और मुंह से काफी खून बहा है। आशंका है कि उसकी पीट-पीटकर हत्या की गई है।