सिपाही योगेश चौहान की रिपोर्ट लिखाने को लवेदी थाना में मौजूद मृतक के परिजन
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बकेवर (इटावा)। राम जन्मभूमि थाने में तैनात सिपाही का शव लवेदी में मिलने के मामले में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई है। सिपाही के परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए राम जन्मभूमि और लवेदी थानों के चक्कर काट रहे हैं। सिपाही के परिजनों का कहना है कि बुधवार को वे लवेदी थाने में सात घंटे बैठे रहे बाद में उन्हें टरका दिया गया।
मथुरा के मूल निवासी अयोध्या राम जन्मभूमि में तैनात रहे सिपाही योगेश चौहान का आठ अक्तूबर को लवेदी थाना क्षेत्र में शव मिलने था। बुधवार को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उनके परिजन लवेदी थाने पहुंचे थे। उनका कहना है कि लवेदी थाने में सात घंटे से वे रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बैठे हुए थे। लवेदी थाना पुलिस ने मामले को अयोध्या का बताकर अपने यहां से चलता कर दिया। मामले में संदेह के दायरे में आई मृतक के थाने में तैनात महिला सिपाही व उसकी बहन को अयोध्या पुलिस पूछताछ के लिए ले गई थी।
मृतक सिपाही के भाई सुनील ने बताया की वे अंतिम संस्कार करने के बाद 12 अक्तूबर को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में भाई की हत्या का मामला दर्ज कराने गए थे, लेकिन थाना प्रभारी ने मामला वहां का न होने की बात कहकर लवेदी इटावा जाने को कहा। एसएसपी व डीआईजी फैजाबाद से मुलाकात कर प्रार्थनापत्र दिया तो उन्होंने इटावा के लवेदी थाने का मामला बताकर एडीजी कानपुर जोन को फोन कर देने की बात कहकर वापस भेज दिया।
लवेदी थानाध्यक्ष बृजेश कुमार ने बताया कि किसी को चलता नहीं किया गया है। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, जो भी निर्देश होगा पालन किया जाएगा। मामले से संबंधित कागजात जो आयोध्या पहुंच गए हैं, उनको लेकर आने को कहा गया है।