इटावा। कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार विकास दुबे की तलाश में इटावा पुलिस का सर्च ऑपरेशन चल रहा है। पुलिस की टीमें बार्डर पर निगरानी के साथ ग्रामीण और शहरी इलाकों मे विकास के परिचितों और रिश्तेदारों का पता लगाने में जुटी हैं। चकरनगर और उदी बार्डर पर सघन चेकिंग के साथ बीहड़ वाले क्षेत्र में पुलिस रात दिन गश्त कर रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सहयोगियों की हत्या से पूरे विभाग में काफी आक्रोश है। यही वजह है कि सर्च ऑपरेशन में लगी हर टीम आधुनिक असलहों से लैस है। नाइट वीजन कैमरे से लैस राइफलें लेकर टीमें चंबल से लगे जंगली इलाके में रात भर छानबीन कर रहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र के थानों की टीम सादे कपड़ों में गांव-गांव जाकर विकास के कनेक्शन का पता लगा रही है। औरैया और कानपुर देहात से सटे क्षेत्र में टीम ज्यादा सक्रिय है। अफसरों का कहना है कि वारदात की जानकारी होते ही जिले की पुलिस अलर्ट हो गई थी। संभव है कि विकास और उसके साथी बार्डर पार न कर पाने पर जिले में कहीं छिपकर बैठे हों।
वारदात के बाद से पुलिस को कानपुर और औरैया में कई संदिग्ध गाड़ियां लावारिस मिल चुकी हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि विकास और उसके साथी गाड़ियां इधर-उधर छोड़ते हुए भागे होंगे। आशंका है कि वे नदियों के रास्ते भी बार्डर पार कर मध्य प्रदेश या राजस्थान में घुस सकते हैं। इटावा से होकर गुजरने वाली चंबल और कुवांरी नदी मध्य प्रदेश से मिलती है, जबकि यमुना नदी आगरा से जुड़ी है। तीनों नदियों के आसपास यहां के नाविकों और मछुआरों से भी लगातार पूछताछ चल रही है।
एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि हाईवे के सभी टोल के कैमरे खंगाले गए, लेकिन कोई संदिग्ध फुटेज नहीं मिली। हाईवे पर हर गाड़ी को चेक करने के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। औरैया से लेकर आगरा बार्डर तक हाईवे से लगे सभी लिंक रोड पर भी चेकिंग अभियान चल रहा है। जिले भर की फोर्स अलर्ट है।