इटावा। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संदिग्ध बंदी बुधवार रात शौचालय की खिड़की की जाली तोड़कर फरार हो गया। खिड़की में ग्रिल नहीं लगी थी। ड्यूटी पर तैनात दो सिपाही वार्ड के बाहर पहरा देते रहे। बंदी दो दिन पहले ही गांजे के साथ पकड़ा गया था।
बकेवर थाना पुलिस ने क्षेत्र के हाफिजनगर गांव निवासी गुलफाम पुत्र शाहबुद्दीन को 28 अप्रैल को डेढ़ किलो गांजे के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा था। एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि जेल के डॉक्टर ने उसकी जांच की और उसके घूमने फिरने के बारे में जानकारी की। इसमें बंदी ने बताया कि वह लॉकडाउन के दौरान कुछ जगहों पर गया। संभवत वह चालक भी है। इसी आधार पर उसे मंगलवार रात को जेल से जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में बकेवर थाने के दो सिपाही नीरज व प्रवेंद्र निगरानी के लिए तैनात थे।
सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक मदन गोपाल गुप्ता ने बताया कि बुधवार रात में वार्ड को बाहर से ताला डालकर बंद किया गया। दोनों सिपाही वार्ड से बाहर आ गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे सूचना मिलने पर मौके पर गए तो वार्ड के शौचालय की खिड़की में जड़ी लोहे की जाली टूटी मिली। बंदी गुलफाम इसी खिड़की से भाग गया। खिड़की में ग्रिल नहीं लगी थी। इसीलिए उसे भागने का मौका मिल गया।
एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को उसका सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन रात को ही किसी समय वार्ड से भाग गया। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही की भी जांच हो रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
लापरवाही बरतने पर दोनों सिपाही निलंबित
इटावा। बंदी गुलफाम के फरार होने के मामले में एसएसपी आकाश तोमर ने ड्यूटी पर तैनात दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। बकेवर थाने के सिपाही नीरज व प्रवेंद्र को बंदी की निगरानी के लिए भेजा गया था। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है।
उधर बकेवर थाना पुलिस व एसओजी टीम फरार बंदी को फिर से दबोचने के प्रयास में जुटी है। पुलिस ने बंदी के परिजनों को पकड़कर थाने में बैठा रखा है। बंदी गुलफाम पर बकेवर थाना में कुल पांच मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2007 व 2008 के दो गोकशी के मामले शामिल हैं। जिनमें वह जमानत पर रिहा चल रहा था। तीन मामले इकदिल थाने में उसके खिलाफ दर्ज हैं। संवाद