इटावा। तीन साल पहले कोतवाली क्षेत्र में पत्नी की गला घोटकर हत्या करने के मामले कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर सात हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मंजू शाक्य ने बताया कि उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के टांडा राखंड वाला निवासी सोनू सिंह ने बहन मंजीत कौर उर्फ मिंता की शादी सहारनपुर जिले के टांडा मान सिंह निवासी जसवीर सिंह के साथ वर्ष 2012 में की थी। शादी के बाद जसवीर दहेज के रूप में कार की मांग कर रहा था।
जसवीर सिंह पत्नी मंजीत को लेकर इटावा में किसी गुरुद्वारे में नौकरी करने चला आया। 31 मार्च 2019 को जसवीर ने सोनू को फोन कर मंजीत की हृदयघात से मौत होने की जानकारी दी। जसवीर ने बताया कि वह मंजीत का शव लेकर आ रहा है। एक अप्रैल 2019 को वह शव लेकर घर पहुंचा तो मंजीत के गले में फंदे का निशान दिखा। जसवीर से पूछने पर वह शव छोड़कर भाग निकला।
सोनू सिंह ने बिहारीगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया। घटनास्थल इटावा कोतवाली का होने के कारण मामले की विवेचना यहीं हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद जसवीर सिंह के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किए। इससे पूर्व पुलिस ने जसवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश यज्ञेश चंद्र पांडे की कोर्ट में हुई। शासकीय अधिवक्ता के द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने जसवीर सिंह को पत्नी की हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।