इटावा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी ने 10 साल पुराने हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी पिता-पुत्रों सहित छह लोगों को दोषी पाया है। कोर्ट 30 अगस्त को सजा सुनाएगी। सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव नगला कले निवासी रवीद्र सिंह ने भरथना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि छह अप्रैल 2012 को उनका बड़ा भाई मिथलेश कुमार निजी काम से भतीजे जितेंद्र के साथ भरथना गए थे। सुबह करीब सात बजे जब वे कैलाशपुरा गांव के पास सड़क के किनारे खडे़ थे, तभी ग्राम बन्नाह थाना भरथना निवासी चक्रपान ने अन्य साथियों के साथ असलहों से लैस होकर घेर लिया। चक्रपान ने कहा कि आज वह बचकर जाने न पाए। मिथलेश बचने के लिए राकेश के घर की छत पर चढ़ रहा था, तभी हमलावरों ने उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
रवींद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने चक्रपान, उसके तीन पुत्रों अजय कुमार उर्फ गुल्ले, सतेंद्र उर्फ महातिया, जितवार के अलावा नगला रता निवासी बउया, कंजोरपुर निवासी सतीश सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने चक्रपान, अजय, सतेंद्र, जितवार, बउया व सतीश को दोषी करार दिया है।