भगत सिंह की शहादत दिवस पर माकपा ने साथी संगठनों के साथ जन समस्याओं को लेकर कचहरी में प्रदर्शन किया। इस दौरान सभा में पार्टी वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि लोगों से जुड़ी इन समस्याओं को हल न किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही 26 मार्च को कचहरी से बिजली दफ्तर तक किसान मार्च निकाले जाने की घोषणा भी की गई।
इस मौके पर माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य मुकुट सिंह ने कहा कि आधारकार्ड और बैंक खाता की बाध्यता न होने के बाद भी लोगों को परेशान किया जा रहा है। इसके अलावा हाल ही हुई ओलावृष्टि ने किसानों को तबाह कर दिया है। जिले में 70 से 80 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गई हैं।
सरकार के इशारे पर नुकसान को कम करके लिखा जा रहा है। उन्होंने पीड़ित किसानों का खेत व गांव को इकाई मानकर सर्वे कराकर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने, फसल बीमा योजना से नुकसान की भरपाई किए जाने के साथ साथ सीमांत लघु और गरीब किसानों के कर्जे, बिजली बिल माफ किए जाने की भी मांग की। इसके लिए उन्होंने किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की।
माकपा जिला मंत्री अमर सिंह शाक्य ने कहा कि मोदी सरकार का चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। जिला मंत्री संतोष शाक्य ने मुआवजे से वंचित करने के प्रशासनिक निर्णय की कड़ी निंदा की। किसान सभा राज्य समिति के सदस्य रामप्रकाश ने फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए घोषित प्रदेश सरकार की राशि को ऊंट के मुंह में जीरा के समान बताया और कहा कि यह किसानों के प्रति घोर उपेक्षा भरा कदम है।
माकपा शहर मंत्री प्रेमशंकर यादव ने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना में हुई भारी धांधली की जांच की जाए और सभी पात्रों को इसमें शामिल किया जाए। सभा के बाद डीएम से वार्ता कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। वहीं डीएसओ ने सभा मंच पर आकर लोगों की शिकायतें सुनी।
इस दौरान नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष छविमोहन शुक्ला, मंत्री नरेंद्र शाक्य, विपिन कठेरिया, राजेश यादव, नाथूराम यादव, शिवरामसिंह यादव, बृजेंद्र भदौरिया, ममता पाल, बबली कश्यप ने भी संबोधित किया। शैला शाक्य व आशाराम ने गीत सुनाए। सभा की अध्यक्षता प्रेमशंकर यादव व संचालन अनिल दीक्षित ने किया। इस प्रदर्शन में माकपा के अलावा किसान सभा, जनवादी महिला समिति व जनवादी नवजवान सभा के कार्यकर्ता भी शामिल रहे।