इटावा। आठ साल पहले दबंगई में हत्या करने वाले को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने मंगलवार को उम्रकैद सुनाई है। 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी के आरोपी भाई की मौत हो चुकी है। दो नाबालिग आरोपियों की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार उरेंग गांव निवासी बेचेलाल ने बकेवर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 दिसंबर 2011 की शाम को उसका लड़का शिवराज उर्फ लालू बाजार से सामान लेकर घर आ रहा था। उसके पीछे वह स्वयं व अन्य लोग थे। रास्ते में गांव के ही शिवकरन व जयवीर सिंह उर्फ पल्लू और दो किशोर मिले।
उन्होंने पुत्र से सीना तानकर निकलने का तंज कसा। पुत्र ने कह दिया कि रास्ता है, वह ऐसे ही निकलेगा। इसी बात पर चारों ने तमंचों से उसके पुत्र पर ताबड़तोड़ फायर कर दिए। उसके पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।
शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने शासन की ओर से कोर्ट में मामले की पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक विवेक त्रिपाठी ने जयवीर सिंह उर्फ पल्लू पुत्र बांकेलाल को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले के में जयवीर सिंह के आरोपी भाई शिवकरन की मौत हो चुकी है। दो अन्य आरोपी नाबालिग हैं। उनका मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है।