फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etawah News: दरगाह का नहीं दिखा पाए पुख्ता साक्ष्य, 20 को होगी सुनवाई

विज्ञापन
अ फोटो 34:::इसी दरगाह को लेकर चल रहा विवाद। संवाद
विज्ञापन
इटावा। वन क्षेत्र में बनी दरगाह के विवाद के मामले में सोमवार को डीएफओ कोर्ट की सुनवाई में कोई फैसला नहीं आ सका है। दोनों पक्षों की सुनवाई हुई। दरगाह पक्ष से कोई पुख्ता साक्ष्य न दिए जाने पर अब अगली सुनवाई 20 को सुनिश्चित की गई है।
विज्ञापन

बता दें कि सफारी रोड पर स्थित वन क्षेत्र में एक दरगाह बनी हुई है। इसके अस्तित्व को लेकर तीन जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई थी। इस पर इसके अस्तत्व की जांच शुरू कराई गई थी। दरगाह पर नोटिस जारी करके उससे जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया था। अन्यथा की स्थिति में दरगाह ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई थी।
वन विभाग की जांच में दरगाह अवैध रूप से बनाने की बात सामने आई थी। राजस्व विभाग और वक्फ बोर्ड की रिपोर्ट में भी दरगाह का कोई जिक्र नहीं होने की बात रखी गई थी। उधर, दरगाह के व्यवस्थापक फजले इलाही ने दरगाह कई साल पुराने और बड़ा धार्मिक स्थल होने का दावा किया था। इस मामले की सुनवाई डीएफओ कोर्ट में पांच को की गई थी। इसमें दरगाह पक्ष के अधिवक्ता नदीम अहमद ने वन विभाग से नक्शा व रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा था। इस कोर्ट ने 16 फरवरी को तारीख रखी थी। सोमवार को डीएफओ कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें एक उर्दू की किताब का जिक्र किया गया है जिसमें दरगाह का जिक्र है। हालांकि कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं दिखा पाए। इस पर अगली सुनवाई 20 रखी गई है।
विज्ञापन



वन रेंज अधिकारी बढ़पुरा अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पक्षकारों को वन विभाग ने जमीन का नक्शा, अल्पसंख्यक अधिकारी एवं राजस्व विभाग की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है। इसमें मजार के नाम जमीन न होने की स्पष्ट पुष्टि की गई है। पक्षकारों की ओर से जो कागजात उपलब्ध कराए गए हैं उनमें जमीन मजार होने का कोई साक्ष्य नहीं है। वर्ष 2005 से वहां सिटी मजिस्ट्रेट से अनुमति लेकर उर्स आयोजित करने के साक्ष्य दिए गए हैं, जबकि उर्स के बारे में वन विभाग से कोई स्वीकृति नहीं ली गई और न ही कोई सूचना दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें