निवाड़ीकला। देश सेवा के जज्बे और रोजगार के तलाश में पसीना बहा रहे युवाओं को दो साल से मायूसी हाथ लग रही है। सेना में भर्ती होने की चाह रखने वाले युवाओं के सपनों में पहले कोरोना ने ग्रहण लगाया, अब उन्हें विधानसभा चुनाव की वजह से अड़ंगा लगता नजर आ रहा है।
युवाओं का मानना है कि यदि विधानसभा चुनाव हुए तो हाल-फिलहाल सेना की भर्ती आनी बहुत मुश्किल है, ऐसी स्थित में उनकी मेहनत बेकार चली जाएगी। लगातार कई वर्षों से सेना में भर्ती होने के लिए पसीना बहा रहे कई युवाओं के लिए बहुत ही मुश्किल घड़ी सामने आ ग
ई है। दो साल से कोरोना की वजह से भर्तियां नहीं आईं हैं। अब चुनाव की आहट उन्हें चिंता में डाल रही है। अब जल्द ही यदि सेना की भर्ती न आई तो बड़ी संख्या में युवाओं की उम्र भी पार हो जाएगी।
ओवर एज होने के बाद सेना में भर्ती होने का उनका सपना टूट जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के कस्बा निवाड़ीकला, अहेरीपुर, महेवा, उरैंग सहित दर्जनों गांवों के युवा बीते दो वर्षों से सेना भर्ती की तैयारी में पसीना बहा रहे हैं।
गांवों में खेल का मैदान न होने के बाद भी सैकड़ों युवा अपने भविष्य को संभालने के लिए सड़कों, खेतों सहित स्कूलों के मैदानों में जमकर पसीना बहा रहे हैं। दो वर्षों से भर्ती न आने से युवा मायूस हैं।
कुछ युवाओं को तो सिर्फ इस बात की चिंता सता रही कि अगर अब भर्ती न आई तो, सेना में उनकी भर्ती की उम्र सीमा पार हो जाएगी। तैयारी कर रहे युवा मंगल सिंह, उमेश कुमार, राहुल, रवि, अनुज कुमार, विशाल सिंह, विवेक, सिंटू पाल आदि का कहना है कि अगर चुनाव से पहले भर्ती आ जाए तो सैकड़ों युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।
रोहित कुमार गोलू गुप्ता, अनुज शाक्य, हिमांशु सिंह और ऋषभ तिवारी का कहना है कि बीते दो वर्षों से तैयारी में जुटे हैं, ऐसे में भर्ती का आना अनिवार्य है, जिससे युवाओं का भविष्य सुधर जाएगा। आखिर कब तक तैयारी करते रहना होगा।