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Etawah News: डामर की किल्लत से 117 सड़कों का निर्माण लटका

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फोटो 10::भरथना-ऊसराहार मार्ग से सालिमपुर-कुर्रा मार्ग पर शुरू नही हो सका काम। संवाद
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-पांच करोड़ 79 लाख रुपये से बननी हैं सड़कें, टेंडर भी हो चुके हैं जारी

- एक माह में तीन गुना तक बढ़े डामर के दाम, आपूर्ति ठप होने रुके हैं काम
- दाम में प्रति टन करीब सात से आठ हजार रुपये की हुई बढ़ोतरी
- 45 से 50 हजार रुपये का टैंकर 88 हजार पहुंचा फिर भी आपूर्ति नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी

इटावा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के बीच कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की आपूर्ति पर पड़ा असर अब जनपद के विकास कार्यों पर भी दिखने लगा है। डामर (बिटुमिन) की भारी किल्लत के चलते जिले में 117 सड़कों का निर्माण कार्य पूरी तरह से अधर में है। स्थिति यह है कि एक महीने से डामर की आपूर्ति ठप है और इसके दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद के चारों परिक्षत्रों में 117 सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसके लिए पांच करोड़ 79 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इनमें कई जिला और ग्रामीण मार्ग शामिल हैं और इनकी टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है लेकिन डामर की आपूर्ति न होने से निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
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निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण डामर के दामों में भारी उछाल आया है। फरवरी-मार्च में जहां डामर का एक टैंकर 45 से 50 हजार रुपये के बीच मिल रहा था वहीं अब एक टैंकर की कीमत 88 हजार रुपये तक पहुंच गई है। ठेकेदार अखिलेश कुमार बताते हैं कि दाम में प्रति टन करीब सात से आठ हजार रुपये का इजाफा हुआ है और इसकी उपलब्धता भी नहीं हो पा रही है।


केस-एक

इस वित्तीय वर्ष में मधुपुरा-चौरेला 15 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण के साथ ही दुरुस्तीकरण भी कराया जाना है, इस सड़क की चौड़ाई पांच मीटर से बढ़ाकर सात मीटर की जानी है, सड़क की चौड़ाई का काम तो पूरा करा दिया गया लेकिन डामर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण सड़क की लेपिंग का कार्य अधूरा पड़ा है।
केस-दो
लगभग तीन करोड़ 60 लाख की लागत से उदी-चकरनगर-भरेह मार्ग की सामान्य मरम्मत के साथ ही नवीनीकरण का काम किया जाना है। 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क के दुरुस्त होने से इस क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलता लेकिन डामर की महंगाई के कारण निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया।
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वर्जन

पिछले एक माह से डामर की आपूर्ति में परेशानी हो रही है जिससे सड़कों के निर्माण पर सीधा असर पड़ रहा है। आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और पहले की अपेक्षा निर्माण की लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में ठेकेदार भी काम करने में आनाकानी कर रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि बारिश से पहले सड़कें पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएं जिससे कि वाहन चालकों व राहगीरों को परेशान न होना पड़े।-राकेश भूषण, नोडल अधिकारी, लोक निर्माण विभाग
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