इटावा। सफारी पार्क की मुख्य सड़क से लगभग एक किमी अंदर स्थित दरगाह तक जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वन विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। वहीं रास्ते में खोदे गए गड्ढों में झाड़-झगाड़ भी लगा दिए गए हैं। वन विभाग के सिपाही भी निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं। खुफिया विभाग भी इसकी निगरानी कर रहा है।
बता दें कि सफारी पार्क रोड से करीब एक किलोमीटर अंदर जाकर जंगल में एक दरगाह बनी हुई है। यह दरगाह अवैध तरीके से बनाए जाने की आईजीआरएस करके शिकायत की गई थी। शासन के आदेश पर वन विभाग ने इसकी जांच कराई थी। इसमें पता चला था कि वन विभाग के फिशर वन क्षेत्र में बिना अनुमति के यह दरगाह बनी हुई है।
इसके अस्तित्व की जांच करने के लिए वन विभाग ने छह जनवरी को नोटिस जारी करके व्यवस्थापक से अपना पक्ष रखने की बात कही थी। नहीं रख पाने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद अब व्यवस्थापकों की ओर से अपना पक्ष तो भेज दिया गया है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग ने दरगाह तक फिलहाल जाने सभी के रोक लगा दी है।
तीन और चार फरवरी को प्रस्तावित उर्स को लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट है। वन विभाग की ओर से इस रास्ते पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। वहीं वन कर्मियों की भी तैनाती की गई है। उधर, एक किलोमीटर के रास्ते में खोदे गए पांच गड्ढों में झाड़-झंकार डाल दी गई है ताकि कोई जा न सके।
वन कर्मी इरफान ने बताया कि वे अपने उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्य कर रहे हैं। अलग-अलग समय पर विभिन्न कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और किसी को भी वन क्षेत्र के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
वन विभाग की कार्रवाई के साथ ही पुलिस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। स्थानीय अभिसूचना इकाई के प्रभारी निरीक्षक और खुफिया विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। टीमें पूरी तरह अलर्ट हैं।
वन विभाग ने नोटिस जारी करके 22 जनवरी तक दस्तावेज देने का समय दिया था। दरगाह के व्यवस्थापक फजले इलाही की ओर से नोटिस का जवाब देते हुए कुछ कागजात उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि वह अभी मजबूत नहीं है। पूरे मामले की सुनवाई 5 फरवरी को डीएफओ विकास नायक की अदालत में निर्धारित की गई है।
दरगाह के व्यवस्थापक फजले इलाही ने बताया कि उर्स प्रस्तावित था, लेकिन विवाद की स्थिति होने के बाद उर्स की अनुमति ही नहीं मानी गई है। उन्होंने दरगाह पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि उर्स नहीं हो रहा है। ऐसे में जांच तक दरगाह पर न जाएं।