मुख्यमंत्री के जिले में फायर सर्विस बदहाली से जूझ रही है। पूरे जिले की जिम्मेदारी सिर्फ दमकल की तीन गाड़ियों पर है। इसमें से एक गाड़ी पर वीआईपी ड्यूटी का भार है।
विभाग में सिर्फ संसाधनों का ही अभाव नहीं है बल्कि स्टॉफ की भी भारी कमी वर्षों से चल रही है। फायरमैन के 29 पद जिले में खाली पड़े हैं।
संसाधनों और स्टॉफ की कमी का खामियाजा पब्लिक को उठाना पड़ता है। दरअसल आग लगने के समय संसाधन और स्टॉफ की कमी त्वरित राहत में बाधक साबित होती है। वर्षों से हर तहसील पर एक दमकल की तैनाती को लेकर मांग चली आ रही है, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हुई है।
दमकल की गाड़ियां कम होने से दूरदराज के क्षेत्रों में आग लगने पर जब वहां सब कुछ खाक हो जाता है तब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच पाती है। अग्निकांड की घटनाओं के बाद शोक संवेदना व्यक्त करने के नाम पर राजनीति चमकाने वाले जनप्रतिनिधियों ने भी आज तक फायर ब्रिगेड की दशा सुधारने की कोशिश नहीं की है।
स्कूल, कालेजों को लाखों रुपये अपनी निधि से देने वाले जनप्रतिनिधियों ने फायर ब्रिगेड को एक फूटी कौड़ी देना मुनासिब नहीं समझा है। मौजूदा समय में फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों में एक को सैफई, दूसरी को भरथना में तथा तीसरी को शहर में तैनात किया गया है। अगर पछायगांव में आग लगती है तो शहर की गाड़ी वहां भेजी जाएगी।
इसी बीच शहर में अग्निकांड की वारदात होती है तो गाड़ी भरथना या फिर सैफई से बुलानी पड़ेगी। इन दोनों की जगह से दमकल को आने में आधा घंटा से लेकर पौन घंटा लगेगा। आधा घंटे में आग से कितनी तबाही मचेगी इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
आज तक नहीं बन सका फायर स्टेशन
मुख्यमंत्री के जिले में फायर स्टेशन तक नहीं है। कई बार फायर स्टेशन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। बावजूद इसके अभी तक फायर स्टेशन नहीं बना।
मौजूदा समय में फायर स्टेशन पुलिस लाइन में संचालित है जबकि पुलिस लाइन के पास ही खाली पड़ी सरकारी जमीन पर एक बार फिर से फायर स्टेशन के लिए बिल्डिंग निर्माण कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
दो नए फायर स्टेशनों को भेजा प्रस्ताव
सप्ताह भर पूर्व अग्निशमन विभाग की ओर से बकेवर और ताखा क्षेत्र में फायर स्टेशन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अगर शासन से स्वीकृति मिल जाती है तो यहां फायर स्टेशन की स्थापना से पब्लिक को लाभ होगा।
बकेवर क्षेत्र के फायर स्टेशन से बीहड़ी क्षेत्र चकरनगर, भरथना और महेवा तक के क्षेत्र को आसानी से कबर किया जा सकेगा। ताखा क्षेत्र में फायर स्टेशन बनने से इस क्षेत्र की पब्लिक को राहत मिलेगी।
दो दमकलों की है बेहद जरूरत
जिले में छह तहसील हैं। पब्लिक हर वर्ष मांग करती आई है कि तहसील स्तर पर गर्मी के मौसम में एक दमकल की गाड़ी को तैनात किया जाए। मौजूदा समय में विभाग के पास सिर्फ तीन दमकल ही हैं। विभागीय अधिकारी भी दो दमकल की बेहद जरूरत महसूस कर रहे हैं।