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Etawah News: 30 हजार एमटी भंडारण का दावा, 10 किलो खाद के लिए भटक रहे किसान

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इटावा। एक ओर कृषि विभाग जिले में करीब 30 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर धान की नर्सरी डालने के लिए किसानों को 10 किलो खाद के लिए भी भटकना पड़ रहा है। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ खाद वितरण व्यवस्था की खामियां खुलकर सामने आने लगी हैं। नई सत्यापन प्रक्रिया और फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता ने हजारों किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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जिले में इस वर्ष 4,413 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की नर्सरी की बोआई की जानी है। इसके लिए यूरिया और डीएपी की सबसे अधिक आवश्यकता है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 18,735 मीट्रिक टन यूरिया, 8,789 मीट्रिक टन डीएपी, 1,986 मीट्रिक टन एनपीके-38 तथा 825 मीट्रिक टन एनपीके-20 उपलब्ध है। यानी कुल मिलाकर 30,335 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। जिले के करीब 2.78 लाख किसानों में से लगभग 2.09 लाख किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है। शेष किसानों को सहकारी समितियों से खाद लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले निजी दुकानदार फुटकर में खाद दे देते थे, लेकिन एक जून से नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्होंने भी फुटकर बिक्री बंद कर दी है। ऐसे में छोटे किसानों और बटाई पर खेती करने वालों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है।
निवाड़ीखुर्द निवासी किसान इसरार बताते हैं कि उनके नाम केवल एक बीघा जमीन है, जबकि वह करीब 30 बीघा खेत किराये पर लेकर खेती करते हैं। पहले आधार कार्ड के जरिए खाद मिल जाती थी, लेकिन अब दुकानदार देने से मना कर रहे हैं। उनका कहना है, नर्सरी डालने का समय निकल रहा है। अगर समय पर खाद नहीं मिली तो खेती छोड़ने की नौबत आ जाएगी।
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उदी निवासी 85 वर्षीय किसान हाकिम सिंह बताते हैं कि पहले उनके बेटे खाद ले आते थे, लेकिन अब उन्हें खुद लाइन में लगना पड़ेगा। कहा कि इस उम्र में घंटों कतार में खड़े रहना बेहद मुश्किल है, जिससे खेती का कार्य भी प्रभावित होगा। धान की नर्सरी के साथ ही अन्य फसलों के लिए भी खाद की जरूरत पड़ेगी, इसका समाधान होना चाहिए।
ये खाद की सरकारी कीमतें

खाद कीमत प्रति बोरी
यूरिया 266.50
डीएपी 1350
एनपीके 2000 से 2200 तक

खाद संबंधी समस्या के लिए करें फोन
कृषि विभाग की ओर से कहा गया है कि किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक प्राप्त करें और किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9012000859 पर संपर्क कर सकते हैं। खरीफ सीजन को देखते हुए विभाग लगातार स्टॉक और वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है।
एक हेक्टेयर में मिलेगी सिर्फ 12 बोरी खाद
कृषि विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में किसानों को हेक्टेयर के हिसाब से खाद दिए जाने की बात कही गई है। साल भर में एक हेक्टेयर वाले किसान को पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया की दी जाएगी।
खाद के लिए भटक रहे किसान, समिति पर लटका मिला ताला
चकरनगर। ब्लॉक की टिटावली साधन सहकारी समिति पर शनिवार दोपहर करीब एक बजे ताला लटका मिला। समिति पर खाद उपलब्ध न होने से किसानों में नाराजगी है। समिति के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि वह सिरसा गांव में वसूली कार्य के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है। साथ ही अध्यक्ष की ओर से चेक पर हस्ताक्षर न किए जाने के कारण खाद की खरीद नहीं हो पा रही है। इसी वजह से किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। (संवाद)
वर्जन
जनपद में खाद की किल्लत नहीं है लेकिन खाद के लिए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का होना जरूरी है। ऐसे में किसानों को अतिशीघ्र फार्मर रजिस्ट्री करवा लेनी चाहिए, ताकि फसल के समय किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़ा।
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कमलेश वर्मा, एआर कॉपरेटिव
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