चकरनगर। चकरनगर तहसील क्षेत्र के 53 गांव चंबल में आई बाढ़ से प्रभावित हुए। आशियानें तो तबाह हुए ही साथ ही फसलें भी चौपट हो गईं। कृषि विभाग के सर्वे में इन गांवों में 2798.6 हेक्टेयर में फसलों के नुकसान की बात सामने आई है। किसानों को सात करोड़ रुपये की चपत लगी है।
इसके अलावा इन गांवों की सड़कें बाढ़ के पानी में बह गईं और पुलिया क्षतिग्रस्त हुई हैं। बिजली के पोल भी उखड़ गए हैं। आवागमन में मुश्किलें हो ही रही हैं। बिजली भी गुल है। गांवों के रास्तों और कच्चे घरों की मिट्टी अभी भी गीली है। चकरनगर तहसील क्षेत्र में बाजरा, उड़द, मूंग और तिल की फसल को नुकसान हुआ है। डिप्टी डायरेक्टर कृषि आरएन सिंह के मुताबिक एक हेक्टेयर में 25 हजार रुपये की फसल होती है। कुछ गांवों के खेतों में अभी पानी उतर रहा है। इन खेतों का सर्वे बाद में कराया जाएगा। इससे जाहिर है कि नुकसान में और बढ़ोत्तरी होगी। एडीओ कृषि बृजेश कुमार के मुताबिक मवेशियों का चारा भी बाढ़ के कारण नष्ट हुआ है। किसानों को भारी क्षति हुई है।
गांव गौहानी, खिरीटी, ककरैया, रनियां जाने वाले रास्तों में जगह-जगह कटान हो गया है। मिट्टी के साथ सड़क बह जाने से इन गांवों के रास्तों पर चलना खतरे से खाली नहीं है। भरेह, हरोली, निवी, चकरपुरा गांव की भी यही हालत है। बाढ़ प्रभावित 53 गांवों के रास्तों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग को इन सड़कों के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। निर्माण खंड के अधिशाषी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि फिलहाल सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कराया जा रहा है। ढकरा पुलिया की मरम्मत के बाद छोटे वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया है।
ग्राम पंचायतों में दो करोड़ रुपये से कराए गए विकास कार्य बाढ़ में बर्बाद हो गए हैं। इंटरलॉकिंग, नालियों और नालों को नुकसान हुआ है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी आलोक चौहान ने बताया बाढ़ के दौरान क्षेत्र के गांव में मनरेगा व अन्य मदों से कराए गए नाली, खड़ंजा, अमृत सरोवर योजना के कामों को नुकसान पहुंचा है। इन ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों पर इस वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
तहसीलदार श्रीराम यादव ने बताया कि राजस्व टीम बाढ़ ग्रस्त गांव में किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है। फसलों के साथ बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त मकानों का भी आकलन हो रहा है। किसानों से बैंक खाते, आधार और कागज एकत्रित करके एक सप्ताह के अंदर सभी पीड़ितों के खाते में सहायता राशि भेज दी जाएगी। मुआवजा सर्वे के आधार पर तय किया जाएगा।