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इधर-उधर न फेंकें कूड़ा, जिला हो जाएगा बदनाम

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चौगुर्जी क्षेत्र में मुख्य सड़क पर फैला कूड़ा - फोटो : ETAWAH
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इटावा। सड़क किनारे या अन्य सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फैलाने वाले लोग इस बार शहर की स्वच्छता रैंकिंग को झटका दे सकते हैं। नगर पालिका की चेतावनी के बाद भी ये लोग कूड़ा इधर-उधर फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था के बाद भी खुले में कूड़ा पड़ा दिखता है। स्वच्छ भारत मिशन व नगर पालिका अब न मानने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी में है।
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बता दें कि देश भर में हर साल स्वच्छता का आंकलन करने के लिए सर्वेक्षण किया जाता है। एक केंद्रीय टीम प्रत्येक शहर में सर्वेक्षण करने जाती है और साफ-सफाई के कई मानकों पर व्यवस्थाओं को परखती है। यह टीम हर साल फरवरी में सर्वे के लिए आती है। इस साल फरवरी में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, इससे यह टीम इस बार एक मार्च से 31 मार्च के बीच सर्वे के लिए आएगी। नगर पालिका सफाई के बारे में गंभीरता बरत रही है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि शहर में एक अभियान चलाकर ऐसे दुकानदारों को निर्देश दिया जाएगा जो नाश्ता, चाट, पकौड़ा, समोसा आदि बेचते हैं। दुकानदार अपने दुकान व ठेले के सामने डस्टबिन जरूर रखें। कूड़ा और गंदगी न फैलाएं। ग्राहकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। निर्देश न मानने पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
नगर पालिका परिषद में कूड़ेदान की समस्या का फिलहाल समाधान नहीं दिख रहा है। केंद्रीय टीम स्वच्छता सर्वेक्षण करने मार्च में कभी भी सर्वे करने आ सकती है। सर्वे में कई अन्य बिंदु होते हैं लेकिन उसमें कूड़ा निस्तारण के भी अंक निर्धारित होते हैं। चुनाव आचार संहिता के चलते नगर पालिका से कोई नया काम नहीं हो रहा है। सफाई व्यवस्था सही रखने के लिए अब नगर पालिका ने सर्वे कराने का निर्णय लिया है। सर्वे में यह तय किया जाएगा कि कहां, कितने और किस प्रकार के कूड़ेदान की आवश्यकता है। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नौशाबा खानम ने बताया कि नगर क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों के माध्यम से कूड़ा एकत्र करवाकर प्रतिदिन उठवाया जा रहा है। कूड़ेदान की आवश्यकता के बारे में सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद आवश्यक प्रबंध होंगे। इधर-उधर कूड़ा फैलाने वालों पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
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स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अब शौचालयों में बारकोड की व्यवस्था की जाएगी। इस बार कोड को मोबाइल से स्कैन करने पर शौचालय में क्या सुविधाएं हैं, यह पता चल जाएगा। शौचालय को इस्तेमाल करने के बाद इस बार कोड के माध्यम से फीडबैक भी दे सकेंगे। फीडबैक लेने की प्रक्रिया केंद्रीकृत होगी। स्वच्छता कर्मचारियों और इस अभियान से जुड़े अधिकारियों का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। अभी नगर पालिका के माध्यम से शौचालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। इसमें पानी की व्यवस्था, बिजली व्यवस्था ठीक की जा रही है।
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