एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सराफा कारोबारियों की हड़ताल के 34 वें दिन सोमवार को सराफा एसोसिएशन व व्यापार मंडल के आह्वान पर बाजार बंदी का मिलाजुला असर देखने को मिला। शहर का मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहा, वहीं शहर के लाइन पार व अन्य क्षेत्रों में पूरे दिन दुकानें खुली रहीं। इस दौरान तहसील चौराहे पर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों का क्रमिक अनशन जारी रहा। धरने पर बैठे सराफा कारोबारियों ने केंद्र की मोदी सरकार को जमकर कोसा।
एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग को लेकर सराफा व्यवसायियों ने सोमवार को सुबह से ही बाजार में घूम-घूम कर दुकानें बंद करानी शुरू कर दी। युवा व्यापारी बाइकों पर सवार होकर शहर के सड़कों पर घूमने लगे और खुली दुकानों के शटर गिरवाने लगे। बाजार बंदी के दौरान शहर के प्रमुख बाजार बजाजा लाइन, होमगंज, तहसील चौराहा, सिंधी मार्केट, राजागंज, पचराहा, नौरंगाबाद, स्टेशन रोड़, पक्का तालाब के बाजार पूरी तरह से बंद रहे।
युवा सराफा व्यवसाई अनिल सोनी, अमित सोनी, मनोज केसरवानी, मनोज वर्मा, तरूण सिंह, आदेश गुप्ता, पवन अग्रवाल, अजय वर्मा, मनोज यादव, राजेश, पवन, प्रशान्त, विवेक कुमार सोनी, हरी कृष्ण सोनी, राकेश, रामचन्द्र कुशवाह, मुन्ना बाबू आदि ने घूम-घूम कर दुकानें बंद कराईं। तहसील चौराहे पर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन के साथ प्रदर्शन किया। क्रमिक अनशन पर दीवान सिंह सोनी, विश्वनाथ मुन्ना, अजय दिनेश सोनी व जितेंद्र सोनी बैठे।
इस दौरान हुई सभा में सराफा एसोसिएशन व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मोदी सरकार को जमकर कोसा और एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह वर्मा, महामंत्री ओमकार प्रसाद मथुरिया, धर्मेंद्र जैन, संतोष कुमार सोनी, अन्नत प्रताप अग्रवाल, मनीष जैन, राजीव चंदेल आदि मौजूद रहे।
वहीं, व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष शतमन्यु पुरवार के नेतृत्व में बाजार बंदी कराया गया।