इटावा। बैंक मैनेजर के पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच अब सीआईडी (अपराध जांच विभाग) करेगी। शासन के आदेश पर यह फैसला लिया गया है। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी के रीडर पर 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।
बकेवर थाना क्षेत्र के कुसगवां अहिरान गांव निवासी राहुल कुमार जो एक प्राइवेट बैंक में मैनेजर हैं के पिता अमर सिंह की नौ मई 2024 की रात मौत हो गई थी। राहुल कुमार ने पिता की मृत्यु को महज दुर्घटना मानने से इन्कार करते हुए गांव के पांच लोगों के खिलाफ रंजिशन हत्या का आरोप लगाया था।
उनका कहना था कि पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। राहुल के अनुसार केस को हत्या की धाराओं में बदलने के लिए तत्कालीन एसएसपी के रीडर ने मदद के एवज में 25 लाख रुपये की मांग की थी। राहुल ने दबाव में आकर रीडर को पांच लाख रुपये दे भी दिए थे। बताया कि इस बीच उन्होंने प्रमुख सचिव से शिकायत की थी।
प्रमुख सचिव के आदेश पर फतेहगढ़ के एसपी ने जांच भी की थी। उनका दावा है कि नवंबर 2025 में एसएसपी के रीडर को रिश्वत मांगने का दोषी भी पाया था। इसके बाद रीडर को पुलिस लाइन भेज दिया गया, लेकिन कोई विभागीय या कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी। इससे निराश होकर राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
इसके परिणामस्वरूप पांच जनवरी 2025 को विशेष सचिव महेंद्र सिंह ने पत्र जारी कर पूरे मामले की जांच सीआईडी से कराने का आदेश दिया है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच सीआईडी को दी गई है। स्थानीय पुलिस से जो सहयोग मांगा जाएगा, वह किया जाएगा।
राहुल कुमार ने आरोप लगाया है कि पिता की मौत के बाद उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने दावा किया है कि आरोपियों ने पुलिस की मिलीभगत से उनके खिलाफ आठ माह पुराने एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो और मारपीट की धाराओं में फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराकर परेशान किया गया था। पिता की हत्या के मामले के गवाहों को भी झूठे मामलों में फंसाया गया था। शासन स्तर पर शिकायत के बाद ही इन फर्जी मुकदमों को स्पंज किया गया है।