इकदिल। पक्का बाग स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार रात डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिजन ने पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर इलाज, खून चढ़ाने के बाद हालत बिगड़ने और समय पर डॉक्टर के न पहुंचने का आरोप लगाया है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन बुधवार दोपहर तक बच्चे का शव अस्पताल में लेकर बैठे रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच करने की बात कही है।
औरैया के अजीतमल थाना क्षेत्र के भूरेपुर कलां निवासी अगम सेंगर की पत्नी अंशु देवी मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अपने डेढ़ वर्षीय बेटे रुद्रांश को लेकर अस्पताल पहुंचीं। बच्चे को बुखार और जुकाम की शिकायत थी। अंशु देवी ने बताया अस्पताल में खून की जांच कराने के बाद उसे भर्ती कर लिया गया। पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टर ने बच्चे में खून की कमी बताते हुए खून की व्यवस्था करने को कहा था।
आरोप है कि डॉक्टर के बताए स्थान से पांच हजार रुपये में खून लाया गया। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे बच्चे को खून चढ़ाया गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और शरीर नीला पड़ने लगा। मां अंशु देवी ने डॉक्टर और स्टाफ को कई बार बुलाने की कोशिश की, लेकिन समय पर कोई बच्चे को देखने नहीं पहुंचा। रात करीब 12 बजे बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे एसएनसीयू में भर्ती कराने या हायर सेंटर रेफर करने की व्यवस्था नहीं की गई।
उन्होंने पैथोलॉजी रिपोर्ट की विश्वसनीयता और खून की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। अस्पताल संचालक डॉ. नवीन मिश्रा ने बच्चे की मौत को सडन डेथ बताते हुए कहा कि उसमें खून की कमी थी। प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएमओ अमित दीक्षित ने बताया कि शिकायत मिली है। बृहस्पतिवार को अस्पताल की जांच की जाएगी।
फोटो 26:: रुद्रांश। फाइल फोटो