कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालपुरा से शनिवार शाम लापता हुए बच्चेका शव रविवार को अस्तल मंदिर के पास एक कुएं में मिला। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कुएं से शव को बाहर निकाला।
मासूम की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस इसे हादसा मान रही है। नई बस्ती लालपुरा के अखिलेश यादव का पुत्र रंजीत (4) शनिवार शाम को दादी महादेवी के साथ पास ही स्थित पशुबाड़े में गया था। दादी महादेवी भैंस का दूध निकालने लगीं उसी समय रंजीत वहां से लापता हो गया। परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
रविवार सुबह परिजन रंजीत की खोजबीन में लगे थे। उन्होंने अस्तल मंदिर के पास स्थित कुएं में झांककर देखा तो उसमें रंजीत का शव उतराता मिला। इस खबर पर मोहल्ले के लोगों की भीड़ लग गई। शव निकालने के लोगों ने प्रयास किए लेकिन पुराना कुआं होने की वजह से उसमें कोई नहीं उतरा।
बाद में दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने एक घंटे के बाद शव को कुएं से बाहर निकाल लिया। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिता अखिलेश ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। वहीं कोतवाल बलवीर सिंह का कहना है कि यह हादसा लग रहा है। अगर परिजन कोई तहरीर देंगे तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
भाई बचाने को नाले में लगाई छलांग
भरथना (इटावा)। छोटे भाई को गहरे नाले में डूबता देख एक किशोर ने नाले में छलांग लगा दी। दोनों बच्चों को डूबता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों की जान बचाई।
नगर के मुहल्ला मोतीगंज में शनिवार की शाम झींझक से आए रामकुमार अपने छोटे बच्चे की जात (पूजा) कराने लखना देवी मंदिर गये थे। शाम को मंदिर से वापस आने के बाद बकेवर बस अड्डा के पास स्थित एक धर्मशला के बाहर खाना खाने के लिए बैठे थे। इसी बीच उनका चार वर्षीय पुत्र पिंकू नाले पर पटिया न होने कारण उसमें गिर गया।
उसके बडे़ भाई रिंकू ने उसे नाले में गिरते देख लिया और वह भी आनन-फानन में उसे बचाने के लिए नाले में कूद गया। शोरगुल सुनकर और दोनों को डूबता देख आसपास के दुकानदार दौड़ पड़े। फिर वहां पहुंचकर मशक्कत कर दोनों को नाले से बाहर सकुशल निकाल लिया।