बसरेहर (इटावा)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के टिमरूआ कट पॉइंट चौराहा स्थित गुरुवार रात आठ दुकान में वर्षीय बच्चा रोते हुए पहुंचा। दुकानदार की सूचना पर पहुंची सैफई पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की तो वह अपने अपहरण की झूठी कहानी बताने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पिता की डांट से क्षुब्ध होकर घर छोड़कर आने की बात कही।
सैफई थानाक्षेत्र अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के टिमरूआ कट पॉइंट चौराहा के पास स्थित रेनू शाक्य की दुकान है। गुरुवार रात आठ को 11 वर्षीय बच्चा रोते हुए दुकान में पहुंचा। दुकानदार ने बच्चे को नाश्ता-पानी कराया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर हवाई पट्टी चौकी इंचार्ज मनोज धामा पहुंचे। पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना नाम हिमांशु निवासी दिल्ली बताया। जानकारी दी कि वह घर से गेंद खेलने निकला था।
तभी दिल्ली के कबाड़ी मोहल्ला से उसको एक व्यक्ति ने पकड़ लिया। चिल्लाने पर मुंह बंद कर ट्रक मे बैठाकर इटावा ले आए और रात को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के टिमरूआ कट पर छोड़कर चले गए। वह एक्सप्रेस-वे से नीचे उतरकर चौराहे पर स्थित रेनू शाक्य की दुकान पर पहुंचा। हवाई पट्टी चौकी इंचार्ज को बच्चे की भाषा शैली आसपास के ग्रामीणों से मिलती लगी।
इस पर उन्होंने बच्चे से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि जो भी जानकारी अभी उसने दी वह झूठी है। यह सुनकर दुकान समेत ग्रामीण हैरान रह गए। बालक ने अपना नाम हिमांशु पाल पुत्र राकेश पाल निवासी नगला करन सुतयानी थाना ऊसराहार बताया। गुरुवार दोपहर उसके पिता ने खेतों पर आलू बिनने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया था। इस पर राकेश ने उसे डांट दिया, जिससे क्षुब्ध होकर वह बिना किसी बताए घर से भाग आया था।
इधर परिजन बच्चे के लापता होने पर उसकी खोजबीन कर रहे थे। तभी पुलिस ने शुक्रवार सुबह परिजनों को फोन कर जानकारी दी। पूछताछ कर पुलिस ने बच्चे को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया। सैफई थाना प्रभारी निरीक्षक बीरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि बच्चे से पूछताछ की तो वह पहले झूठी कहानी बता रहा था। परिजनों को बुलाकर बच्चा दे दिया गया है।