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Etawah News: परिषदीय स्कूलों की बदली सूरत, ताखा में आईटीआई की जगी आस

Sat, 30 Dec 2023 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। सरकारी शिक्षा के क्षेत्र में यह वर्ष कई मायनों में उपलब्धियों से भरा रहा। जान जोखिम में डालकर विद्यालयों में पढ़ रहे नौनिहालों को नए भवन उपलब्ध हुए। परिषदीय और माध्यमिक स्कूलों में तकनीकी शिक्षा के विकास पर जोर होगा। वहीं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए ट्रेड बढ़ने से रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ ही बड़ी संख्या में युवा प्रशिक्षित होंगे। वर्ष 2023 में शिक्षा के क्षेत्र में हुए क्रियाकलापों और 2024 में शिक्षा में होने वाले सुविधाओं पर रिपोर्ट...
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1- जर्जर भवनों में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने वाले छात्र- छात्राओं को नए भवनों में शिक्षा ग्रहण करवाई जाएगी। जिले में 102 स्कूलों की जर्जर इमारतों के सापेक्ष 70 में नीलामी व ध्वस्तीकरण का काम चल रहा है। जिला समन्वयक निर्माण हरेंद्र ने बताया कि 15 स्कूलों की इमारतें बनकर तैयार हो गई हैं। नए वर्ष से यहां पढाई शुरू होगी। वहीं, कई स्कूलों में बिजली के खुले तारों के स्थान पर प्लास्टिक तारों को लगाना शुरू कर दिया है।

2- जिले में चिह्नित किए गए बेसिक के आठ और माध्यमिक का एक विद्यालय जो पीएमश्री योजना में चिह्नित है। इन विद्यालयों की व्यवस्थाओं को हाईटेक किया जाएगा। इनमें फर्नीचर से लेकर कंप्यूटर, लैब , आर ओ वाटर सहित तमाम सुविधाओं से लैस किया जाएगा। सभी आठों ब्लॉक से एक-एक विद्यालय को पीएमश्री के लिए चुना है। साथ ही शहर में स्थित जीजीआईसी कॉलेज को पीएमश्री योजना के तहत संवारा जाएगा।
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3- प्रोजेक्ट अलंकार से सुधरेगी सहायता प्राप्त स्कूलों की दशा। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के सात सहायता प्राप्त काॅलेज की सूची प्रदेश मुख्यालय भेजी जा चुकी है। शिक्षा विभाग ने 75 वर्ष पुराने जर्जर हो चुके अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए इस वर्ष प्रोजेक्ट अलंकार नामक योजना का शुभारंभ किया था। हालांकि इसके लिए अभी तक बजट जारी नहीं हो पाया है, लेकिन आगामी वर्ष में बजट मिलते ही विद्यालयों के कायाकल्प का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

4-राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नए सत्र से कई ट्रेड बढ़ने से युवाओं को मौका मिलेगा। चार साल से ताखा में पीपीपी मॉडल के तहत बनी आईटीआई के संचालन की जिम्मेदारी हिंदुस्तान लेटेक्स नामक एजेंसी को दे दी गई है। अगले सत्र से यहां कक्षाएं शुरू होने की उम्मीदें जाग गई है। इसमें 30 फीसदी सीटें सरकारी व 70 फीसदी निजी संचालक के कोटे में रहेंगी। सरकारी कोटे से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं को सरकारी फीस ही चुकानी होगी।

वर्ष 2023 में उपलब्धियां

-शहर में बीएसए दफ्तर के सामने कस्तूरबा छात्रावास का निर्माण पूरा हो गया है। इसे कुछ दिनों में विभाग को सौंप दिया जाएगा। इसमें गांव क्षेत्र से पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राएं जो सरकारी कॉलेजों में अपनी एडमिशन ले रहें उन्हें रहने की व्यवस्था की जाएगी।

-सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले के 24 स्कूलों में बाउंड्रीवाल और बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालयों का निर्माण करवाया गया। वहीं पंचायती राज विभाग भी लगातार स्कूलों में शौचालयों के निर्माण व उनकी मरम्मत का कार्य करवा रहा है।

-ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य से कांधनी स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में 20 केवी के ऑफ ग्रिड का संचालन शुरू कर दिया गया। वहीं जिले के 12 माध्यमिक विद्यालयों के उपकरण सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे है।

- दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया।2495 दिव्यांग बच्चों के सापेक्ष 21 विशेष शिक्षकों की तैनाती है। ऐसे में प्रत्येक विद्यालय में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए एक सहायक शिक्षक को प्रशिक्षण दिया गया।

जिम्मेदार बोले

1- डीआईओएस मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष माध्यमिक शिक्षा ने कई अहम आयामों को पार किया है। पीएमश्री से लेकर प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों का चयन हुआ । आगामी वर्ष में इन योजनाओं का क्रियान्वयन होने से छात्रों को लाभ मिलेगा। वहीं तमाम डिजिटल एप के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

2- बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगामी वर्ष में जिला निपुण लक्ष्य हो हासिल कर लेगा। 147 स्कलों में स्मार्ट कक्षाएं चलाए जाने का प्रस्ताव है। बजट मिलते ही उस दिशा में कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस बार जिले में 94 फीसदी स्कूल कायाकल्प योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

3- राजकीय आईटीआई इटावा के डॉ. राजकुमार सिंह ने बताया कि आईटीआई में ट्रेड बड़ने से युवाओं को और अधिक मौके मिलेंगे। नए सत्र से कई योजनाओं का लाभ सीधे रूप से प्रशिक्षुओं को मिलने लगेगा।
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