इटावा। पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर सक्रिय हुआ है। इसका प्रभाव जिले में दिखने भी लगा है। मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहे। मौस विभाग ने आज और कल बारिश के आसार बताए हैं। किसानों को सलाह दी है कि वह इन दो दिन सिंचाई न करें।
पांच-छह दिनों तक धूप निकलने के बाद एक बार फिर मौसम बिगड़ने लगा है। ऐसे में किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बारिश होने के बाद सबसे अधिक नुकसान तिलहनी फसल को होने की आशंका है। जनवरी में कड़ाके की ठंड से लोग परेशान रहे, वहीं फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव दिख रहा है। बीते 20 दिनों के अंदर तीसरी बार बारिश के आसार बन रहे हैं।
मौसम में बदलाव के कारण सोमवार के बाद मंगलवार को भी दिन भर बादल छाए रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री, न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अक्षय कुमार का कहना है कि पश्चिमी विछोभ के कारण बेमौसम बारिश के आसार फिर बन रहे हैं। बुधवार और गुरुवार को बारिश हो सकती है। इससे गेहूं की फसल को तो फायदा होगा लेकिन सरसों समेत और फसलों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसलों में सिंचाई दो-तीन दिन रोक दें। सरसों की कटी फसल को छायादार स्थान पर रखें।