क्षतिग्रस्त चंबल पुल पर 20 दिनों तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। पुल पर नई स्लैब डाली जाएगी। इसकी मरम्मत का काम सेतु निगम को सौंपा गया है। इसमें 4 लाख रुपये खर्च होंगे। सोमवार को धंसी स्लैब को हटाने के लिए मशीन मौके पर पहुंच गई।
यूपी और एमपी को जोड़ने वाला चंबल पुल रविवार तड़के क्षतिग्रस्त हो गया था। 63 साल पुराने पुल से ओवरलोड वाहनों के गुजरने से पुल की स्लैब धंस गई थी। इटावा की ओर पुल की शुरुआत में एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच सड़क का करीब दो तिहाई हिस्सा क्षतिग्रस्त है। ऐसे में पुल से सिर्फ दोपहिया वाहन गुजर रहे हैं। भारी वाहनाें की आवाजाही रोकने के लिए पुल पर ईंटों की दीवार खड़ी की गई है। नेशनल हाईवे की देखरेख का जिम्मा लिए राष्ट्रीय मार्ग खंड पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत का काम सेतु निगम को सौंपा है। राष्ट्रीय मार्ग खंड के एई एसपी सिंह ने बताया कि पुल की चौड़ाई का करीब 3 मीटर हिस्सा धंसा है। कुछ साल पहले भी इसी जगह धंसी सड़क को ठीक करा दिया गया था। अब फिर यहां सड़क क्षतिग्रस्त होने से भारी वाहनों का निकलना संभव नहीं है।
35 सेमी मोटी स्लैब पड़ेगी
चंबल पुल की सड़क पर करीब 35 सेमी मोटी स्लैब डाली जाएगी। इस स्लैब के ऊपर डामर बिछाया जाएगा।
राहगीरों को हो रही परेशानी
पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। एमपी और यूपी को जोड़ने वाले पुल की काफी अहमियत है। खासतौर पर दीपावली पर्व को देखते हुए यहां से कारोबारियों को आना जाना अधिक रहता है। ऐसे में पुल बंद होने पर व्यापारियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी। अन्य राहगीरों को करीब आधा किमी लंबे पुल को पैदल चलकर पार करना पड़ रहा है।
चंबल पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। उच्च विभागीय अधिकारियों ने स्थलीय जायजा लिया है। मरम्मत कार्य पर करीब 4 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। 20 दिन के लिए पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
देवेंद्र सिंह, डीपीएम, सेतु निगम इटावा