मेडिकल स्टोर से दवा का नमूना लेते ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को महेवा कस्बा में मिलावटी चीजों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान एक किराना दुकान से पिसी धनिया का सैंपल लिया और बगैर लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचते दो किराना दुकानदारों का चालान किया गया। उधर औषधि प्रशासन विभाग ने पचावली रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की। यहां से दवाओं के दो नमूने लिए।
सीएमओ से शिकायत की गई थी कि पचावली रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक झोलाछाप डाक्टर के तौर पर इलाज कर रहा है। इस शिकायत पर सीएमओ के अधीन सीनियर मेडिकल अफसर डा. ज्ञानेंद्र यादव और ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर की टीम ने बुधवार को पचावली रोड स्थित अरविंद कुमार के अनुराग मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक अरविंद प्रेक्टिस करते नहीं मिले। शिकायतकर्ता ने जिन दवाओं को दिए जाने की शिकायत की थी। उनमें से दर्द निवारक टैबलेट फेनैक प्लस और ओेपलोपून ओजेड एंटीबायोटिक टैबलेट के नमूने एकत्रित किए गए हैं। दवा विक्रेता इन दोनों दवाओं के बिल प्रस्तुत नहीं कर सका।
उधर खाद्य सुरक्षाधिकारी भैयालाल प्रजापति और खाद्य सहायक नरेशचंद्र ने महेवा के मुख्य बाजार स्थित हरिश्चंद्र की किराना दुकान से धनिया पाउडर का नमूना लिया। इसी जगह राजकुमार और ओमप्रकाश की किराना दुकानों को चेक किया। यह दोनाें दुकानदार फूड लाइसेंस के बगैर खाद्य सामग्री बेचते पाए गए। इस पर दोनों का चालान काटा गया। विभागीय टीम ने यहां फल एवं जूस बेचने वालों को चेतावनी दी और सड़े गले फलों को फिंकवाया। मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी नादिर अली ने बताया कि बगैर लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचते पकड़े जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। दोनों दुकानदारों को 7 दिन के अंदर फूड लाइसेंस प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।