सैफई। छह नवंबर 2021 को जिस सेंट्रल जेल का उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था, उसे आज तक चालू नहीं किया जा सका। अभी तक जेल में बिजली और स्टाफ की व्यवस्था नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब इटावा जेल में क्षमता से तीन गुना बंदी हैं।
सैफई के महोला में बनी सेंट्रल जेल हाईटेक है और यहां 1942 कैदियों को रखने की क्षमता है। वहीं, इटावा जिला जेल में 610 कैदियों की ही क्षमता है, जबकि यहां करीब 2000 कैदी हैं। इसका निर्माण करीब 272 करोड़ रुपये से हुआ है। अंदर 30-30 बंदियों के लिए 58 बैरक हैं। साथ ही किशोर बंदियों के लिए दो और महिला बंदियों के तीन बैरक हैं। इसके अंदर डबल हाई सिक्योरटी बैरक भी है। इसमें शातिर और बड़े अपराधियों को कड़ी सुरक्षा में रखा जा सकता है।
जेल में प्रशासनिक भवन भी बनाया गया है। इसमें जेल अधीक्षक, जेलर व अन्य अफसरों के अलावा कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जेल कैंपस में टाइप फोर के चार, टाइप तीन के तीन और टाइप दो के 120 आवास हैं। जेल वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि इस जेल के शुरू न हो पाने का मुख्य कारण विद्युत कनेक्शन न होना है। इसके अस्थायी संयोजन के लिए बजट विद्युत विभाग को जारी हो चुका है। विद्युत विभाग प्रक्रिया पूरी करने में लगा है। जैसे ही कनेक्शन हो जाएगा, इसे चालू कर दिया जाएगा।
स्टाफ की व्यवस्था भी कर ली गई है। पहले चरण में इटावा जिला जेल के करीब 350 सजायाफ्ता कैदी महोला सेंट्रल जेल में शिफ्ट होंगे।